राजस्थान पंचायत चुनाव 2026-27: ‘छोटी सरकार’ के लिए महासंग्राम; जानें तारीखें, नए नियम और योग्यता की पूरी कुंडली

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026-27: ‘छोटी सरकार’ के लिए महासंग्राम; जानें तारीखें, नए नियम और योग्यता की पूरी कुंडली

राजस्थान में एक बार फिर गांवों की सरकार चुनने का समय आ रहा है। इस बार के पंचायत चुनाव पिछले एक दशक के सबसे अलग चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान की प्रक्रिया से लेकर उम्मीदवारों की योग्यता तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी इस बार अपनी ग्राम सरकार चुनने के लिए मतदान कर सकेंगे।

चुनाव का संभावित कार्यक्रम ( Rajasthan Panchayat Election 2026 Schedule)

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, राज्य निर्वाचन आयोग को 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करनी है।

  • मतदाता सूची अपडेट: 1 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर नई वोटर लिस्ट तैयार की जा रही है।
  • चुनाव के चरण: प्रदेश की 14,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव चरणबद्ध तरीके से मार्च और अप्रैल 2026 के बीच संपन्न होने की संभावना है।

सबसे बड़ा बदलाव: EVM नहीं, बैलेट पेपर से होगा चुनाव

इस बार के चुनावों में जो सबसे चौंकाने वाला बदलाव हुआ है, वह है ‘हाइब्रिड मॉडल’।

  • पंच और सरपंच: इन दोनों पदों के लिए मतदान पारंपरिक तरीके से बैलेट पेपर (मतपत्र) और मतपेटी के जरिए होगा। यानी अब आपको बटन नहीं दबाना होगा, बल्कि मुहर लगानी होगी।
  • जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य: इन पदों के लिए मतदान पहले की तरह EVM के जरिए ही किया जाएगा।

चुनाव लड़ने के लिए जरूरी योग्यता ( Rajasthan Panchayat Election 2026 Eligibility)

यदि आप सरपंच या पंच का चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो इन नियमों का पालन अनिवार्य है:

  • न्यूनतम आयु: उम्मीदवार की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • शैक्षिक योग्यता: फिलहाल राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के लिए शैक्षिक योग्यता (जैसे 8वीं या 10वीं पास) की अनिवार्यता को लेकर पिछली सरकार ने ढील दी थी, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार का नाम उस पंचायत की मतदाता सूची में होना अनिवार्य है।
  • संतान संबंधी नियम:  वे लोग जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। दो संतान नीति को हटाने पर विचार-विमर्श लंबे समय से चल रहा है। यह मामला अभी प्रक्रिया (Under Process) में है। कैबिनेट ने अभी तक इस संबंध में कोई बिल पास नहीं किया है और न ही कोई नया नियम लागू हुआ है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से चर्चा थी कि सरकार 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर चुनाव लड़ने की पाबंदी को हटा सकती है।
  • शौचालय की अनिवार्यता: घर में कार्यात्मक शौचालय होना और परिवार के सदस्यों का खुले में शौच न जाना एक अनिवार्य शर्त है।

आरक्षण और वार्डों की स्थिति

  • महिला आरक्षण: कुल सीटों में से 50% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
  • वर्गवार आरक्षण: SC, ST और OBC वर्गों के लिए रोटेशन प्रणाली के आधार पर आरक्षण लागू होगा। लॉटरी के जरिए यह तय किया जा रहा है कि कौन सा गांव किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।

मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी

  • वोटर आईडी: यदि आपके पास वोटर आईडी नहीं है, तो आयोग द्वारा मान्य 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड) का उपयोग कर सकते हैं।
  • स्वगणना और डेटा: हाल ही में शुरू हुई जनगणना-2027 की प्रक्रिया का इस चुनाव पर सीधा असर नहीं है, लेकिन मतदाता सूची के डेटाबेस को विधानसभा चुनाव की लिस्ट के आधार पर अपडेट किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *