औरंगाबाद में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन:टॉप- 20 अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने का निर्देश; एसपी बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

औरंगाबाद में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन:टॉप- 20 अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने का निर्देश; एसपी बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

औरंगाबाद में शनिवार को एसपी अंबरीश राहुल की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक, थानाध्यक्ष और पुलिस कार्यालय के प्रभारी मौजूद रहे। गोष्ठी का उद्देश्य जिले में घटित अपराधों की समीक्षा करना और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना रहा। देर रात तक चली बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानों की माह भर की उपलब्धियों की गहन समीक्षा की। गिरफ्तारी के आंकड़ों की विस्तार से जांच की गई। यह देखा गया कि चिन्हित अपराधियों के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई की गई है। विशेष रूप से टॉप-20 अपराधकर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि ऐसे अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और कानून के दायरे में रहकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बर्दाश्त नहीं की जाएगी किसी भी प्रकार की लापारवाही गोष्ठी में 107 बीएनएसएस के तहत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रावधान का प्रभावी उपयोग किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों की मॉनिटरिंग पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालयों में लंबित मामलों में तेजी लाने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। लंबित कांडों की स्थिति की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुराने मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुर्की, वारंट और इश्तेहार के निष्पादन की प्रगति की भी समीक्षा की गई और जिन मामलों में कार्रवाई लंबित है, उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। थाना आने वाले लोगों से करें शिष्ट व्यवहार बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने आगामी माह के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में बेहतर अपराध नियंत्रण, सुदृढ़ विधि-व्यवस्था तथा प्रभावी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी थानाध्यक्षों को क्षेत्र में नियमित गश्ती, आम जनता से बेहतर संवाद एवं संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का कहा। साथ ही थाना आने वाले सभी लोगों से शिष्ट व्यवहार करने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने भरोसा जताया कि सभी पुलिस पदाधिकारी आपसी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे। औरंगाबाद में शनिवार को एसपी अंबरीश राहुल की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक, थानाध्यक्ष और पुलिस कार्यालय के प्रभारी मौजूद रहे। गोष्ठी का उद्देश्य जिले में घटित अपराधों की समीक्षा करना और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना रहा। देर रात तक चली बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानों की माह भर की उपलब्धियों की गहन समीक्षा की। गिरफ्तारी के आंकड़ों की विस्तार से जांच की गई। यह देखा गया कि चिन्हित अपराधियों के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई की गई है। विशेष रूप से टॉप-20 अपराधकर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि ऐसे अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और कानून के दायरे में रहकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बर्दाश्त नहीं की जाएगी किसी भी प्रकार की लापारवाही गोष्ठी में 107 बीएनएसएस के तहत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रावधान का प्रभावी उपयोग किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों की मॉनिटरिंग पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालयों में लंबित मामलों में तेजी लाने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। लंबित कांडों की स्थिति की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुराने मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुर्की, वारंट और इश्तेहार के निष्पादन की प्रगति की भी समीक्षा की गई और जिन मामलों में कार्रवाई लंबित है, उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। थाना आने वाले लोगों से करें शिष्ट व्यवहार बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने आगामी माह के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में बेहतर अपराध नियंत्रण, सुदृढ़ विधि-व्यवस्था तथा प्रभावी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी थानाध्यक्षों को क्षेत्र में नियमित गश्ती, आम जनता से बेहतर संवाद एवं संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का कहा। साथ ही थाना आने वाले सभी लोगों से शिष्ट व्यवहार करने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने भरोसा जताया कि सभी पुलिस पदाधिकारी आपसी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे।  

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