मधुबनी में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सह अध्यक्ष मध्यस्थता केंद्र, जय किशोर दुबे के कक्ष में शनिवार शाम एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य ‘मेडिएशन फॉर नेशन 2.0’ अभियान को सफल बनाना था। बैठक की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सह अध्यक्ष मध्यस्थता केंद्र, जय किशोर दुबे ने की। इसमें विशेष उत्पाद सह समन्वयक मध्यस्थता केंद्र, मधुबनी के गोरख नाथ दूबे भी उपस्थित थे। सुलभ व्यवस्था प्रदान करना उद्देश्य बैठक को संबोधित करते हुए विशेष न्यायाधीश उत्पाद ने बताया कि ‘मेडिएशन फॉर नेशन’ न्यायिक समाधान के लिए एक राष्ट्रीय पहल है। यह अभियान नालसा और सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के तत्वावधान में शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को न्यायिक समाधान की एक तेज, सरल और सुलभ व्यवस्था प्रदान करना है। सातों दिन होगा प्रयास अभियान के तहत, अधिक से अधिक सुलहनीय लंबित मामलों का निपटारा पक्षकारों की सुविधा के अनुसार मध्यस्थता के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रयास सप्ताह के सभी सात दिनों में होगा और इसमें ऑनलाइन, ऑफलाइन तथा हाइब्रिड मोड में भी भागीदारी संभव होगी। आवश्यकता पड़ने पर विषय विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी। उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक सुलहनीय लंबित मामलों को चिह्नित कर मध्यस्थता के लिए भेजें। इनमें वैवाहिक वाद, दहेज प्रताड़ना से संबंधित मामले, चेक बाउंस, क्लेम वाद, आपराधिक सुलहनीय वाद, बंटवारा, इविक्शन वाद, उपभोक्ता वाद, श्रम वाद और अन्य सुलहनीय मामले शामिल हैं। आपसी समझौते के माध्यम से मामलों के निपटारे से समय और धन दोनों की बचत होती है। मधुबनी में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सह अध्यक्ष मध्यस्थता केंद्र, जय किशोर दुबे के कक्ष में शनिवार शाम एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य ‘मेडिएशन फॉर नेशन 2.0’ अभियान को सफल बनाना था। बैठक की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सह अध्यक्ष मध्यस्थता केंद्र, जय किशोर दुबे ने की। इसमें विशेष उत्पाद सह समन्वयक मध्यस्थता केंद्र, मधुबनी के गोरख नाथ दूबे भी उपस्थित थे। सुलभ व्यवस्था प्रदान करना उद्देश्य बैठक को संबोधित करते हुए विशेष न्यायाधीश उत्पाद ने बताया कि ‘मेडिएशन फॉर नेशन’ न्यायिक समाधान के लिए एक राष्ट्रीय पहल है। यह अभियान नालसा और सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के तत्वावधान में शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को न्यायिक समाधान की एक तेज, सरल और सुलभ व्यवस्था प्रदान करना है। सातों दिन होगा प्रयास अभियान के तहत, अधिक से अधिक सुलहनीय लंबित मामलों का निपटारा पक्षकारों की सुविधा के अनुसार मध्यस्थता के माध्यम से किया जाएगा। यह प्रयास सप्ताह के सभी सात दिनों में होगा और इसमें ऑनलाइन, ऑफलाइन तथा हाइब्रिड मोड में भी भागीदारी संभव होगी। आवश्यकता पड़ने पर विषय विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी। उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक सुलहनीय लंबित मामलों को चिह्नित कर मध्यस्थता के लिए भेजें। इनमें वैवाहिक वाद, दहेज प्रताड़ना से संबंधित मामले, चेक बाउंस, क्लेम वाद, आपराधिक सुलहनीय वाद, बंटवारा, इविक्शन वाद, उपभोक्ता वाद, श्रम वाद और अन्य सुलहनीय मामले शामिल हैं। आपसी समझौते के माध्यम से मामलों के निपटारे से समय और धन दोनों की बचत होती है।


