Online Fraud : मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आलम ये है कि, आम लोगों को तो छोड़िए खुद बैंक कर्मी तक यहां सुरक्षित नहीं है। इसकी ताजा बानगी सामने आई सूबे के जबलपुर से, जहां शातिर ठग ने किसी और को नहीं, बल्कि बैंक कर्मी को ही ठगी का शिकार बनाकर उससे लाखों रुपए की ठगी की है।
मामला संजीवनी नगर थाना क्षेत्र सामने आया है। जालसाजों ने बड़े ही शातिराना ढंग से एक महिला बैंक कर्मी का मोबाइल हैक किया, फिर ओटीपी लिए बिना ही मोबाइल से लिंक दो खातों से 6.15 लाख रुपए निकाल लिए। फिलहाल, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरु कर दी है।
बिना OTP खाते खाली
वैसे तो आमतौर पर बैंक कर्मी ही अपने ग्राहकों को ऑनलाइन ठगी से बचने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश और सलाह देते हैं। लेकिन, शहर में इन ऑनलाइन जालसाजों ने एक महिला बैंक कर्मी को ही ठगी का शिकार बनाते हुए उसके दो अलग अलग बैंक खातों से 6 लाख 15 हजार रुपए पार कर दिए। बताया जा रहा है कि, शातिर ठगों ने पहले महिला बैंक कर्मी का मोबाइल हैक किया, उसके बाद खाते साफ कर दिए। खास बात ये रही कि, इस ऑनलाइन ट्रांसफर में किसी प्रकार का ओटीपी भी जनरेट नहीं हुआ, फिर कैसे बैंकों द्वारा किसी अन्य खातों या माध्यमों में राशि ट्रांसफर हो गई?
खातों से 6 लाख 15 हजार 955 रुपए पार
संजीवनी नगर थाने के अनुसार, शिखा विक्रम उम्र 40 वर्ष निवासी राजुल सिटी गंगा नगर स्टेट बैंक शाखा विजय नगर में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 31 जनवरी को मोबाइल के मैसेज चेक किए तो मैसेज बॉक्स में बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन के ओटीपी थे। बैंक अकाउंट से ट्रांजेक्शन 29 और 30 जनवरी के बीच हुए थे। उसके एचडीएफसी बैंक अकाउंट से 5 लाख 63 हजार 676 रुपए और एसबीआई बैंक अकाउंट से 52 हजार 279 रुपए का अनाधिकृत रूप से लेन देन हुआ था। उसके द्वारा किसी भी प्रकार की ओटीपी नहीं दिया गया। ऐसे में किसी अज्ञात ने उसके मोबाइल को हैक करके उसके दोनों खाते से कुल 6 लाख 15 हजार 955 रुपए पार कर लिए।
जांच में जुटी पुलिस
इधर, पुलिस ने महिला बैंक कर्मी की रिपोर्ट पर धारा 6 6डी. आईटी एक्ट, 318 (4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात आरोपियों के संबंध में पतासाजी शुरु कर दी है। पुलिस के द्वारा जिन बैंक खातों में रकम का लेन-देन हुआ, उनकी जानकारी निकाली जा रही है।


