Jammu and Kashmir Security Review | सेना प्रमुख ने आतंकवाद रोधी अभियानों की समीक्षा की, उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा की

Jammu and Kashmir Security Review | सेना प्रमुख ने आतंकवाद रोधी अभियानों की समीक्षा की, उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा की

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू संभाग के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिलों, पुंछ और राजौरी का दौरा कर सुरक्षा स्थिति और आतंकवाद-रोधी अभियानों की गहन समीक्षा की। सेना द्वारा रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य का आकलन करना और आतंकवाद के खिलाफ सेना की संचालनात्मक क्षमता को और अधिक घातक बनाना था।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यहां अग्रिम क्षेत्रों के दौरे पर आतंकवाद-रोधी अभियानों और मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और इस दौरान संचालनात्मक क्षमता को और मजबूत करने के लिए उन्नत तकनीकों को शामिल करने पर भी चर्चा की गयी। सेना ने रविवार को यह जानकारी दी।

इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में स्टालिन की हुंकार, Assembly Elections में ‘Mission 200’ का लक्ष्य, बोले- NDA को देंगे करारा जवाब

सेना प्रमुख ने शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया था और जम्मू में ‘व्हाइट नाइट कोर’ के मुख्यालय का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने शनिवार को सीमावर्ती जिलों पुंछ और राजौरी का दौरा किया।

सेना के अतिरिक्त जनसंपर्क महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सेना प्रमुख ने व्हाइट नाइट कोर के अंतर्गत आने वाली आतंकवाद रोधी बल का दौरा किया, ताकि मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जा सके और संचालनात्मक तैयारियों का आकलन किया जा सके।’’

इसे भी पढ़ें: IND vs USA Live Cricket Score: बुमराह-संजू के बिना उतरेगी Team India, USA ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी

उन्होंने क्षेत्र में जारी आतंकवाद-रोधी अभियानों, सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता तथा लगातार सतर्कता बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
आतंकवाद रोधी बल (रोमियो) या सीआईएफ (आर) सेना की एक विशेष इकाई है, जो राजौरी और पुंछ जिलों के चुनौतीपूर्ण इलाकों में आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियानों की जिम्मेदारी संभालती है।

एडीजीपीआई ने बताया, ‘‘बातचीत में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और संचालनात्मक क्षमता को और सुदृढ़ करने के लिए उन्नत तकनीकों के समावेश पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।’’
सेना ने कहा कि सेना प्रमुख ने सभी पद के जवानों की अटूट निष्ठा, पेशेवर रवैये और कर्तव्य के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता की सराहना की।
उन्होंने चुनौतीपूर्ण संचालनात्मक परिस्थितियों में उच्च स्तर की तैयारियों को बनाए रखने के लिए किए जा रहे उनके सतत प्रयासों की प्रशंसा की।

सीमा पार से घुसपैठ और हालिया आतंकी घटनाओं के मद्देनजर सेना प्रमुख का यह दौरा स्पष्ट संदेश देता है कि भारतीय सेना ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त होकर आतंकवाद का सफाया करने के लिए तैयार है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *