“मेरी बेटी सिर्फ 14 की साल थी। वह अपनी दादी और बहन के साथ घर में सो रही थी। 6 फरवरी की रात करीब डेढ़ बजे गांव के दर्जनों लोग अचानक मेरे घर पहुंच गए। दरवाजा तोड़ा गया, मेरी बेटी को जबरन बाहर घसीटा गया। उसे मारा गया, बेइज्जत किया गया। वह किसी तरह जान बचाकर भागी, लेकिन भीड़ ने पीछा कर दोबारा पकड़ा और मेरी बेटी को मार डाला।” यह कहना है कि बेतिया जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति का। दरअसल गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात शिकारपुर थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग के शक में नाबालिग प्रेमी जोड़े को भीड़ ने खंभे से बांधकर पीटा। लड़की किसी तरह भागी, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। परिजन इसे हत्या बता रहे हैं। घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि मामला आत्महत्या का है, एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि 11 लोगों को नामजद और 50 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। आइए समझते हैं कि घटना कैसे शुरू हुई, भीड़ ने क्या किया और पुलिस की जांच कहां तक पहुंची है। आइए सिलसिलेवार समझते हैं पूरा मामला… दरवाजा तोड़कर घर में घुसी थी भीड़
6 फरवरी की रात करीब 1:30 बजे, शिकारपुर थाना क्षेत्र के गांव में करीब 50 लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। आरोप था कि गांव की 14 वर्षीय किशोरी और एक नाबालिग लड़के के बीच बातचीत होती थी। इसी आरोप को लेकर भीड़ किशोरी के घर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर में घुस गई। घर से बाहर निकालकर मारपीट
भीड़ ने किशोरी को जबरन घर से बाहर निकाला और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसी समय भीड़ एक नाबालिग लड़के को भी मारते-पीटते हुए लाई। उससे यह स्वीकार कराने की कोशिश की गई कि वह किशोरी से बात करता था। लड़के के इनकार के बावजूद मारपीट जारी रही। सिर के बाल काटे, माला पहनाकर घुमाया
भीड़ ने दोनों नाबालिगों को गांव के बाहर एक खंभे से बांध दिया। दोनों की पिटाई की गई। लड़के के सिर के बाल काटे गए, उसके चेहरे पर चूना लगाया गया और गले में जूते-चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया। इस दौरान वीडियो भी बनाए गए। घर में फंदे से लटकी मिली किशोरी
मारपीट के दौरान किशोरी किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंची और छिप गई। घर में उसकी दादी और बड़ी बहन मौजूद थीं। बाद में दोपहर में किशोरी घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। बेटी की हत्या कर फंदे पर लटकाया
पिता ने आरोप लगाया है कि रात की घटना के बाद भी हमलावर दोबारा घर पहुंचे और उनकी बेटी की हत्या कर दी। उनका कहना है कि इसके बाद शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। पिता का कहना है कि घटना के बाद से उनका पूरा परिवार डरा हुआ है और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। पुलिस का क्या कहना है, पढ़िए..
पुलिस के मुताबिक 6 फरवरी की शाम सूचना मिली थी कि शिकारपुर थाना क्षेत्र के रखई गांव के पश्चिम टोला वार्ड संख्या-3 में एक नाबालिग लड़की ने अपने घर में फांसी लगा ली है। सूचना के सत्यापन के लिए शिकारपुर थाना पुलिस, एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। 11 पर एफआईआर, 1 गिरफ्तार
मृतका के पिता के आवेदन के आधार पर शिकारपुर थाना कांड संख्या 130/26 दर्ज की गई है। इस मामले में 11 लोगों को नामजद किया गया है और 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। नामजद अभियुक्त इस्तेखार अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और गांव में विधि-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है। “मेरी बेटी सिर्फ 14 की साल थी। वह अपनी दादी और बहन के साथ घर में सो रही थी। 6 फरवरी की रात करीब डेढ़ बजे गांव के दर्जनों लोग अचानक मेरे घर पहुंच गए। दरवाजा तोड़ा गया, मेरी बेटी को जबरन बाहर घसीटा गया। उसे मारा गया, बेइज्जत किया गया। वह किसी तरह जान बचाकर भागी, लेकिन भीड़ ने पीछा कर दोबारा पकड़ा और मेरी बेटी को मार डाला।” यह कहना है कि बेतिया जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति का। दरअसल गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात शिकारपुर थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग के शक में नाबालिग प्रेमी जोड़े को भीड़ ने खंभे से बांधकर पीटा। लड़की किसी तरह भागी, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। परिजन इसे हत्या बता रहे हैं। घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि मामला आत्महत्या का है, एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि 11 लोगों को नामजद और 50 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। आइए समझते हैं कि घटना कैसे शुरू हुई, भीड़ ने क्या किया और पुलिस की जांच कहां तक पहुंची है। आइए सिलसिलेवार समझते हैं पूरा मामला… दरवाजा तोड़कर घर में घुसी थी भीड़
6 फरवरी की रात करीब 1:30 बजे, शिकारपुर थाना क्षेत्र के गांव में करीब 50 लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई। आरोप था कि गांव की 14 वर्षीय किशोरी और एक नाबालिग लड़के के बीच बातचीत होती थी। इसी आरोप को लेकर भीड़ किशोरी के घर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर में घुस गई। घर से बाहर निकालकर मारपीट
भीड़ ने किशोरी को जबरन घर से बाहर निकाला और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसी समय भीड़ एक नाबालिग लड़के को भी मारते-पीटते हुए लाई। उससे यह स्वीकार कराने की कोशिश की गई कि वह किशोरी से बात करता था। लड़के के इनकार के बावजूद मारपीट जारी रही। सिर के बाल काटे, माला पहनाकर घुमाया
भीड़ ने दोनों नाबालिगों को गांव के बाहर एक खंभे से बांध दिया। दोनों की पिटाई की गई। लड़के के सिर के बाल काटे गए, उसके चेहरे पर चूना लगाया गया और गले में जूते-चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया। इस दौरान वीडियो भी बनाए गए। घर में फंदे से लटकी मिली किशोरी
मारपीट के दौरान किशोरी किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंची और छिप गई। घर में उसकी दादी और बड़ी बहन मौजूद थीं। बाद में दोपहर में किशोरी घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। बेटी की हत्या कर फंदे पर लटकाया
पिता ने आरोप लगाया है कि रात की घटना के बाद भी हमलावर दोबारा घर पहुंचे और उनकी बेटी की हत्या कर दी। उनका कहना है कि इसके बाद शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। पिता का कहना है कि घटना के बाद से उनका पूरा परिवार डरा हुआ है और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। पुलिस का क्या कहना है, पढ़िए..
पुलिस के मुताबिक 6 फरवरी की शाम सूचना मिली थी कि शिकारपुर थाना क्षेत्र के रखई गांव के पश्चिम टोला वार्ड संख्या-3 में एक नाबालिग लड़की ने अपने घर में फांसी लगा ली है। सूचना के सत्यापन के लिए शिकारपुर थाना पुलिस, एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। 11 पर एफआईआर, 1 गिरफ्तार
मृतका के पिता के आवेदन के आधार पर शिकारपुर थाना कांड संख्या 130/26 दर्ज की गई है। इस मामले में 11 लोगों को नामजद किया गया है और 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। नामजद अभियुक्त इस्तेखार अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और गांव में विधि-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।


