किशनगंज| मदरसा दारुल हुदा में कार्यरत और राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका शगुफ्ता कुलसुम ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने एनसीईआरटी (भुवनेश्वर) में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह विशेष प्रशिक्षण अल्पसंख्यक समूहों द्वारा संचालित स्कूलों और मदरसों में समावेशी शिक्षा विषय पर आधारित था। शिक्षिका शगुफ्ता कुलसुम ने बताया कि इस प्रशिक्षण से अब मदरसे के बच्चों को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना अधिक आसान होगा। बताते चलें कि उन्हें पिछले वर्ष पटना में बेस्ट बिहार स्टेट मदरसा टीचर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। प्रशिक्षण के समापन पर संस्थान की प्रिंसिपल प्रो. रीतांजलि दास और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर मोहम्मद गुलाम रहबर ने उन्हें प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। किशनगंज| मदरसा दारुल हुदा में कार्यरत और राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका शगुफ्ता कुलसुम ने एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने एनसीईआरटी (भुवनेश्वर) में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह विशेष प्रशिक्षण अल्पसंख्यक समूहों द्वारा संचालित स्कूलों और मदरसों में समावेशी शिक्षा विषय पर आधारित था। शिक्षिका शगुफ्ता कुलसुम ने बताया कि इस प्रशिक्षण से अब मदरसे के बच्चों को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना अधिक आसान होगा। बताते चलें कि उन्हें पिछले वर्ष पटना में बेस्ट बिहार स्टेट मदरसा टीचर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। प्रशिक्षण के समापन पर संस्थान की प्रिंसिपल प्रो. रीतांजलि दास और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर मोहम्मद गुलाम रहबर ने उन्हें प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।


