सहारनपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को दिल्ली रोड स्थित होटल दि ओएसिस में “एमएसएमई क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों को बैंक की वित्तीय सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनके उद्योगों के विस्तार तथा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) सहारनपुर चैप्टर के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक विवेक अग्रवाल, मयूरी जैन, अर्जुन मनुजा, स्वप्निल मकानी और विवेक तिवारी सहित कई वरिष्ठ बैंक अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उपमहाप्रबंधक ओ.पी. श्रीवास्तव (प्रधान कार्यालय, मुंबई), क्षेत्रीय प्रमुख मनोज एम.जी. (मेरठ) तथा आईआईए चेयरमैन गौरव चोपड़ा, मंडलीय अध्यक्ष सतीश अरोड़ा और उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश कावात्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। बैंक अधिकारियों और आईआईए प्रतिनिधियों के बीच उद्योगों की आवश्यकताओं, वित्तीय सहयोग और नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। आईआईए चेयरमैन गौरव चोपड़ा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उद्योग जगत और बैंकिंग संस्थानों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं, जिससे उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं की स्पष्ट जानकारी मिलती है। मंडलीय अध्यक्ष सतीश अरोड़ा ने एमएसएमई क्षेत्र और बैंकों को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने उद्यमियों को अधिक से अधिक ऋण सुविधाएँ प्रदान करने का आग्रह किया। उपमहाप्रबंधक ओ.पी. श्रीवास्तव और क्षेत्रीय प्रमुख मनोज एम.जी. ने वर्किंग कैपिटल लोन, टर्म लोन, पीएमईजीपी, सीजीटीएमएसई और मुद्रा योजना सहित केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य लघु उद्योगों को सशक्त बनाना, रोजगार सृजन में वृद्धि करना और स्थानीय औद्योगिक विकास को गति प्रदान करना है। कार्यक्रम के अंत में आईआईए पदाधिकारियों ने बैंक अधिकारियों को अंगवस्त्र, कैलेंडर, मासिक पत्रिका और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सुरेंद्र मोहन कालरा, अशोक गांधी, अनूप खन्ना, दर्शन कुमार गुप्ता, राजकुमार अरोड़ा, परमजीत सिंह, विकास मलिक, अरविंद खन्ना, अमित अरोड़ा, आशीष गुप्ता और नौशाद अली सहित कई अन्य उद्यमी भी उपस्थित थे।


