सहरसा के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र में हुए उमेश मिस्त्री हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मृतक के बेटों ने ही पिता की हत्या की साजिश रची थी। इस हत्याकांड के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और एक कुख्यात शूटर को काम पर लगाया गया था। पुलिस ने मुख्य शूटर और मृतक के बड़े बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने शनिवार शाम एक प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे मनीष मिस्त्री, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, ने अपने पिता उमेश मिस्त्री की हत्या की योजना बनाई थी। मनीष ने शूटर मनीष यादव को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इस साजिश में मृतक का बड़ा बेटा सचित मिस्त्री भी शामिल था, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उमेश मिस्त्री की 11 दिसंबर की रात सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के मनखाहा टोला में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने सर्विलांस, कॉल डिटेल के आधार पर किया खुलासा घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सिमरी बख्तियारपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई। गिरफ्तार शूटर की पहचान मनीष कुमार उर्फ मनीष यादव (पिता- राम यादव, निवासी- करियत, पतरघट) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मनीष यादव एक शातिर अपराधी है, जिस पर सहरसा और बेगूसराय जिलों के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट और एससी/एसटी एक्ट सहित कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। 1कट्टा, 2 जिंदा कारतूस और बाइक की बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल और एक कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। सहरसा के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र में हुए उमेश मिस्त्री हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मृतक के बेटों ने ही पिता की हत्या की साजिश रची थी। इस हत्याकांड के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और एक कुख्यात शूटर को काम पर लगाया गया था। पुलिस ने मुख्य शूटर और मृतक के बड़े बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने शनिवार शाम एक प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे मनीष मिस्त्री, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, ने अपने पिता उमेश मिस्त्री की हत्या की योजना बनाई थी। मनीष ने शूटर मनीष यादव को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इस साजिश में मृतक का बड़ा बेटा सचित मिस्त्री भी शामिल था, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उमेश मिस्त्री की 11 दिसंबर की रात सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के मनखाहा टोला में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने सर्विलांस, कॉल डिटेल के आधार पर किया खुलासा घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सिमरी बख्तियारपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई। गिरफ्तार शूटर की पहचान मनीष कुमार उर्फ मनीष यादव (पिता- राम यादव, निवासी- करियत, पतरघट) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मनीष यादव एक शातिर अपराधी है, जिस पर सहरसा और बेगूसराय जिलों के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट और एससी/एसटी एक्ट सहित कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। 1कट्टा, 2 जिंदा कारतूस और बाइक की बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल और एक कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।


