31 साल पुराने मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार शाम पूर्णिया में समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया। सांसद की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताते हुए समर्थकों ने विशाल मशाल जुलूस निकाला। इसमें सैकड़ों लोग शामिल रहे।
मशाल जुलूस शहर के जेल रोड स्थित सांसद कार्यालय अर्जुन भवन से निकाली गई। जो टेक्सी स्टैंड होते हुए आरएन शाह चौक पहुंची। हाथों में मशाल लेकर सड़क पर उतरे और विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पप्पू यादव जिंदाबाद, तानाशाही नहीं चलेगी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बंद करो के नारे लगाते नजर आए। मशालों की रोशनी में समर्थकों के चेहरों पर आक्रोश और नाराजगी साफ झलक रही थी। समर्थकों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ी जाएगी और पूर्णिया बंद जैसे बड़े आंदोलन का भी फैसला लिया जा सकता है। कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है जुलूस के दौरान समर्थकों ने गिरफ्तारी को गलत बताते हुए कहा कि इतने पुराने मामले में अचानक की गई। कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है। जुलूस में शामिल सांसद समर्थक करण यादव, अभिषेक कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सांसद को जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समर्थकों ने कहा कि पप्पू यादव गरीबों, शोषितों और वंचितों की आवाज हैं। उन्हें दबाने के लिए पुराने मामले को हथियार बनाया जा रहा है। यह गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जनता की आवाज को कुचलने की कोशिश है। अर्जुन भवन आज भले ही सूना नजर आ रहा हो, लेकिन कार्यकर्ताओं का हौसला कमजोर नहीं हुआ है। सांसद के साथ पूरा पूर्णिया खड़ा है और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
युवाओं की भी भागीदारी रही मशाल जुलूस में समर्थकों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं की भी भागीदारी देखी गई। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि माहौल शांतिपूर्ण बना रहा। 31 साल पुराने मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार शाम पूर्णिया में समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया। सांसद की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताते हुए समर्थकों ने विशाल मशाल जुलूस निकाला। इसमें सैकड़ों लोग शामिल रहे।
मशाल जुलूस शहर के जेल रोड स्थित सांसद कार्यालय अर्जुन भवन से निकाली गई। जो टेक्सी स्टैंड होते हुए आरएन शाह चौक पहुंची। हाथों में मशाल लेकर सड़क पर उतरे और विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पप्पू यादव जिंदाबाद, तानाशाही नहीं चलेगी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बंद करो के नारे लगाते नजर आए। मशालों की रोशनी में समर्थकों के चेहरों पर आक्रोश और नाराजगी साफ झलक रही थी। समर्थकों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ी जाएगी और पूर्णिया बंद जैसे बड़े आंदोलन का भी फैसला लिया जा सकता है। कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है जुलूस के दौरान समर्थकों ने गिरफ्तारी को गलत बताते हुए कहा कि इतने पुराने मामले में अचानक की गई। कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है। जुलूस में शामिल सांसद समर्थक करण यादव, अभिषेक कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सांसद को जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समर्थकों ने कहा कि पप्पू यादव गरीबों, शोषितों और वंचितों की आवाज हैं। उन्हें दबाने के लिए पुराने मामले को हथियार बनाया जा रहा है। यह गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जनता की आवाज को कुचलने की कोशिश है। अर्जुन भवन आज भले ही सूना नजर आ रहा हो, लेकिन कार्यकर्ताओं का हौसला कमजोर नहीं हुआ है। सांसद के साथ पूरा पूर्णिया खड़ा है और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
युवाओं की भी भागीदारी रही मशाल जुलूस में समर्थकों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं की भी भागीदारी देखी गई। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा, हालांकि माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।


