आयशा और एपवा के संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ शनिवार को अरवल पहुंची। इस यात्रा का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, विशेषकर नीट छात्राओं से जुड़े हालिया मामलों के विरोध में न्याय की मांग करना है। अरवल में आयोजित नुक्कड़ सभा में वक्ताओं ने नीट छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पटना के शम्भू हॉस्टल और परफेक्ट पीजी हॉस्टल में नीट छात्राओं की संदिग्ध मौतों के मामलों में परिजनों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार न्याय की मांग का उल्लेख किया। 10 फरवरी को विधानसभा तक ‘न्याय मार्च’ निकाला जाएगा
वक्ताओं ने बताया कि इन घटनाओं के विरोध में 3 से 9 फरवरी तक ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद 10 फरवरी को गांधी मैदान से विधानसभा तक ‘न्याय मार्च’ निकाला जाएगा। सभा में आरोप लगाया गया कि चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता और रोजगार के वादे किए गए थे। हालांकि, चुनाव के बाद राज्य में हत्या, हिंसा और बलात्कार की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बलात्कार के बाद हत्या का आरोप लगाया
शम्भू हॉस्टल मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन हिंसा के स्पष्ट सबूत मिले थे, जिसके बावजूद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठे। बाद में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और कई संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए गए। वहीं, परफेक्ट पीजी हॉस्टल में एक छात्रा की मौत के मामले में परिवार ने बलात्कार के बाद हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस हालांकि इसे आत्महत्या बता रही है। मामलों को कमजोर करने का आरोप लगाया
वक्ताओं ने खगड़िया, छपरा, गया, नवादा, मधेपुरा, पूर्णिया, बक्सर और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं का भी जिक्र किया। सामाजिक संगठनों ने सरकार पर अपराध रोकने में विफल रहने और राजनीतिक दबाव में मामलों को कमजोर करने का आरोप लगाया। इन घटनाओं ने बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। आयशा और एपवा के संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ शनिवार को अरवल पहुंची। इस यात्रा का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, विशेषकर नीट छात्राओं से जुड़े हालिया मामलों के विरोध में न्याय की मांग करना है। अरवल में आयोजित नुक्कड़ सभा में वक्ताओं ने नीट छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पटना के शम्भू हॉस्टल और परफेक्ट पीजी हॉस्टल में नीट छात्राओं की संदिग्ध मौतों के मामलों में परिजनों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार न्याय की मांग का उल्लेख किया। 10 फरवरी को विधानसभा तक ‘न्याय मार्च’ निकाला जाएगा
वक्ताओं ने बताया कि इन घटनाओं के विरोध में 3 से 9 फरवरी तक ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद 10 फरवरी को गांधी मैदान से विधानसभा तक ‘न्याय मार्च’ निकाला जाएगा। सभा में आरोप लगाया गया कि चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता और रोजगार के वादे किए गए थे। हालांकि, चुनाव के बाद राज्य में हत्या, हिंसा और बलात्कार की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बलात्कार के बाद हत्या का आरोप लगाया
शम्भू हॉस्टल मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन हिंसा के स्पष्ट सबूत मिले थे, जिसके बावजूद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठे। बाद में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया और कई संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए गए। वहीं, परफेक्ट पीजी हॉस्टल में एक छात्रा की मौत के मामले में परिवार ने बलात्कार के बाद हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस हालांकि इसे आत्महत्या बता रही है। मामलों को कमजोर करने का आरोप लगाया
वक्ताओं ने खगड़िया, छपरा, गया, नवादा, मधेपुरा, पूर्णिया, बक्सर और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं का भी जिक्र किया। सामाजिक संगठनों ने सरकार पर अपराध रोकने में विफल रहने और राजनीतिक दबाव में मामलों को कमजोर करने का आरोप लगाया। इन घटनाओं ने बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है।


