पूर्व मध्य रेल मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने शनिवार को सहरसा जंक्शन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यात्री सुरक्षा के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट सहरसा में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में यात्रियों की सुरक्षा, नशा खुरानी की रोकथाम, महिला सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। सहायक सुरक्षा आयुक्त ने आरपीएफ पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार के साथ सहरसा जंक्शन के प्लेटफॉर्म, यार्ड और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए संसाधनों और बल की तैनाती बढ़ाई जा रही है। पूरा यार्ड मार्च तक सीसीटीवी कैमरों से लैस
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सहरसा का पूरा यार्ड मार्च तक सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यार्ड के चारों ओर हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में भी पर्याप्त रोशनी रहेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सकेगी। यार्ड में अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा। रेल मंडल ने संबंधित विभाग को इस संबंध में सूचना दे दी है और निर्माण कार्य मार्च से शुरू होने की उम्मीद है। सुपौल, सहरसा और मधेपुरा से चलने वाली सभी महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों में आरपीएफ एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाएगी। मार्च तक सहरसा जंक्शन पर एस्कॉर्ट बल की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेनों में शराब की तस्करी की आशंका
होली पर्व के मद्देनजर दिल्ली, मुंबई, अमृतसर, कोलकाता और हटिया से आने वाली ट्रेनों में शराब की तस्करी की आशंका को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम विशेष रूप से शराब तस्करी पर कड़ी निगरानी रखेगी। होली तक नशा खुरानी गिरोहों और यात्री सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘मेरी सहेली’ टीम को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही एक महिला हेल्प डेस्क भी खोली जाएगी। सुरक्षा सम्मेलन में उप निरीक्षक सुजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक महेश सिंह, सुनील कुमार सहित कई आरपीएफ जवान उपस्थित रहे। पूर्व मध्य रेल मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने शनिवार को सहरसा जंक्शन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यात्री सुरक्षा के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट सहरसा में आयोजित सुरक्षा सम्मेलन में यात्रियों की सुरक्षा, नशा खुरानी की रोकथाम, महिला सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। सहायक सुरक्षा आयुक्त ने आरपीएफ पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार के साथ सहरसा जंक्शन के प्लेटफॉर्म, यार्ड और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए संसाधनों और बल की तैनाती बढ़ाई जा रही है। पूरा यार्ड मार्च तक सीसीटीवी कैमरों से लैस
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सहरसा का पूरा यार्ड मार्च तक सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यार्ड के चारों ओर हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में भी पर्याप्त रोशनी रहेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सकेगी। यार्ड में अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा। रेल मंडल ने संबंधित विभाग को इस संबंध में सूचना दे दी है और निर्माण कार्य मार्च से शुरू होने की उम्मीद है। सुपौल, सहरसा और मधेपुरा से चलने वाली सभी महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों में आरपीएफ एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाएगी। मार्च तक सहरसा जंक्शन पर एस्कॉर्ट बल की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। ट्रेनों में शराब की तस्करी की आशंका
होली पर्व के मद्देनजर दिल्ली, मुंबई, अमृतसर, कोलकाता और हटिया से आने वाली ट्रेनों में शराब की तस्करी की आशंका को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम विशेष रूप से शराब तस्करी पर कड़ी निगरानी रखेगी। होली तक नशा खुरानी गिरोहों और यात्री सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘मेरी सहेली’ टीम को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही एक महिला हेल्प डेस्क भी खोली जाएगी। सुरक्षा सम्मेलन में उप निरीक्षक सुजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक महेश सिंह, सुनील कुमार सहित कई आरपीएफ जवान उपस्थित रहे।


