किशनगंज की शिक्षिका कुमारी गुड्डी को प्रतिष्ठित “शिक्षाग्रह पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता आधारित शैक्षिक सुधार और छात्राओं के स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। यह समारोह बेंगलुरु में आयोजित किया गया था।यह सम्मान बेंगलुरु स्थित प्रेस्टीज सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में भारत के प्रमुख शिक्षा नेतृत्व संवाद ‘इनवोकेड’ के मंच से प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के शिक्षाविद, नीति-निर्माता, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों, कॉर्पोरेट क्षेत्र और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। विद्यालय में सेनेटरी पैड मशीन भी स्थापित करवाई ‘शिक्षाग्रह’ 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 14 करोड़ से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प से जुड़ा एक राष्ट्रीय आंदोलन है। यह पुरस्कार शिक्षा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर प्रभावी बदलाव लाने वाले शिक्षकों और शिक्षा नेतृत्वकर्ताओं को दिया जाता है। कुमारी गुड्डी ने शिक्षण गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ छात्राओं के बीच माहवारी स्वच्छता जागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सत्र, प्रश्न बॉक्स की व्यवस्था की और विद्यालय में सेनेटरी पैड मशीन भी स्थापित करवाई। छात्राएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुईं उनके इन प्रयासों से छात्राएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुईं और समाज में भी इस विषय को सामान्य रूप से स्वीकार करने का सकारात्मक संदेश गया।पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कुमारी गुड्डी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उनके विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे समुदाय के सामूहिक प्रयासों की पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि शिक्षक, विद्यार्थी और समुदाय मिलकर कार्य करें, तो सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंचाया जा सकता है।कुमारी गुड्डी लंबे समय से छात्र-केंद्रित गतिविधि आधारित शिक्षण, छात्राओं के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ उनके निरंतर प्रयासों से विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे बच्चों की शिक्षा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने विद्यालय परिवार, सहयोगी शिक्षकों, शिक्षा विभाग, समुदाय, सहयोगी संस्थाओं तथा अपने परिवार को दिया, जिनके निरंतर सहयोग और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।
उन्होंने कहा कि आगे भी वे शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी। किशनगंज की शिक्षिका कुमारी गुड्डी को प्रतिष्ठित “शिक्षाग्रह पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता आधारित शैक्षिक सुधार और छात्राओं के स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। यह समारोह बेंगलुरु में आयोजित किया गया था।यह सम्मान बेंगलुरु स्थित प्रेस्टीज सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में भारत के प्रमुख शिक्षा नेतृत्व संवाद ‘इनवोकेड’ के मंच से प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के शिक्षाविद, नीति-निर्माता, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों, कॉर्पोरेट क्षेत्र और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। विद्यालय में सेनेटरी पैड मशीन भी स्थापित करवाई ‘शिक्षाग्रह’ 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 14 करोड़ से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के संकल्प से जुड़ा एक राष्ट्रीय आंदोलन है। यह पुरस्कार शिक्षा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर प्रभावी बदलाव लाने वाले शिक्षकों और शिक्षा नेतृत्वकर्ताओं को दिया जाता है। कुमारी गुड्डी ने शिक्षण गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ छात्राओं के बीच माहवारी स्वच्छता जागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सत्र, प्रश्न बॉक्स की व्यवस्था की और विद्यालय में सेनेटरी पैड मशीन भी स्थापित करवाई। छात्राएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुईं उनके इन प्रयासों से छात्राएं अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुईं और समाज में भी इस विषय को सामान्य रूप से स्वीकार करने का सकारात्मक संदेश गया।पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कुमारी गुड्डी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उनके विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे समुदाय के सामूहिक प्रयासों की पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि शिक्षक, विद्यार्थी और समुदाय मिलकर कार्य करें, तो सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्टता के शिखर तक पहुंचाया जा सकता है।कुमारी गुड्डी लंबे समय से छात्र-केंद्रित गतिविधि आधारित शिक्षण, छात्राओं के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ उनके निरंतर प्रयासों से विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे बच्चों की शिक्षा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने विद्यालय परिवार, सहयोगी शिक्षकों, शिक्षा विभाग, समुदाय, सहयोगी संस्थाओं तथा अपने परिवार को दिया, जिनके निरंतर सहयोग और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।
उन्होंने कहा कि आगे भी वे शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।


