5 साल पहले इसी तरह हुई पप्पू यादव की गिरफ्तारी:5 थानों की पुलिस पहुंची थी, उस वक्त रूडी को एक्सपोज किया; अब NEET केस उठा रहे

5 साल पहले इसी तरह हुई पप्पू यादव की गिरफ्तारी:5 थानों की पुलिस पहुंची थी, उस वक्त रूडी को एक्सपोज किया; अब NEET केस उठा रहे

11 मई 2021, सुबह करीब 9 बजे। पटना के मंदिरी स्थित आवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठकर रणनीति बना रहे थे कि वे कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए आज किन-किन इलाकों और किस-किस अस्पताल में जाएंगे। तभी 5 थानों की पुलिस धमक गई। पुलिस ने कोरोना गाइडलाइन तोड़ने का आरोप लगाया। गिरफ्तार करने पहुंचे कोतवाली DSP को पप्पू ने लिखित आश्वासन दिया कि कोरोना के दौर में वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे, लेकिन पुलिस नहीं मानी और गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाना ले गई। दिन भर थाने में रखने के बाद पुलिस ने शाम 5 बजे 1989 के अपहरण केस में गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव ने भूख हड़ताल कर दी। मधेपुरा पुलिस उसी शाम उन्हें बाई रोड मधेपुरा कोर्ट ले गई और रात 11.30 बजे कोर्ट में पेश किया। वहां से पप्पू यादव को वीरपुर जेल भेज दिया गया। खाना छोड़ने से पप्पू यादव की जेल में तबीयत बिगड़ गई। तब 13 मई 2021 को उन्हें DMCH में एडमिट कराया गया। 1 जून 2021 को अपहरण केस में मधेपुरा सेशन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया। उस केस में पप्पू यादव को करीब 5 महीने जेल में रहना पड़ा। 3 अक्तूबर 2021 को मधेपुरा स्पेशल कोर्ट ने सबूत के अभाव में अपहरण केस से बरी कर दिया। फिर वह जेल से बाहर आए। यह कहानी है 5 साल पहले पप्पू यादव की गिरफ्तारी की। उस पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सियासी हंगामा हुआ था। रूडी को एक्सपोज किया तो पुलिस ने गिरफ्तार किया पप्पू यादव की गिरफ्तारी उस वक्त हुई थी जब वे बिहार सरकार पर हमलावर थे। कोरोना काल में सरकार की बदइंतजामी को लगातार एक्सपोज कर रहे थे। गिरफ्तारी से 4 दिन पहले 7 मई 2021 की शाम पप्पू यादव ने छपरा पहुंचकर BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी के गांव में 25 से अधिक एंबुलेंस को ढंककर रखने का मामला उजागर किया था। जो काफी सुर्खियों में रहा था। पप्पू यादव ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें एंबुलेंस को बालू (रेत) ढोते दिखाया गया था। तब पप्पू ने रूडी पर केस दर्ज करने की मांग भी की थी। बाद में छपरा में पप्पू यादव पर ही केस दर्ज हो गया। इसके बाद पटना में भी कोरोना गाइडलाइन को लेकर पप्पू पर FIR दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर तब पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तब पुलिस की गिरफ्तारी की टाइमिंग पर उठे थे सवाल 2021 में पप्पू यादव पर पुलिस की कार्रवाई पर काफी सवाल उठे थे। पुलिस ने वारंट निकलने के 15 महीने बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी तब हुई थी जब वह सरकार को लगातार एक्सपोज कर रहे थे। तब पुलिस की टाइमिंग पर सवाल इसलिए उठे थे… तब आधी रात को खुली थी कोर्ट 11 मई, मंगलवार को आधी रात को पप्पू यादव के लिए मधेपुरा सिविल कोर्ट को खोला गया था। जिसके बाद पप्पू यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया था। पप्पू यादव वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस सुनवाई में जुड़े थे, तब उन्होंने अपनी बीमारी का हवाला दिया गया था। लेकिन उन्हें न्यायिक हिरासत में बीरपुर (सुपौल) जेल भेजने के आदेश दिए गए। साथ ही कहा गया कि जेल में उनके इलाज की सही व्यवस्था की जाए। रात के लगभग 12 बजे अधिकारी पप्पू यादव को बीरपुर जेल लेकर गए थे। उस वक्त जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जमकर विरोध जताया था। जब पप्पू यादव को पुलिस गांधी मैदान थाने से मधेपुरा ले जा रही थी तो भीड़ ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता NH-19 पर सड़क पर लेटकर रोकने के प्रयास में थे। पुलिस ने बढ़ी मुश्किल से सभी को हटाया और आगे बढ़ी थी। अब NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस में हमलावर हैं… पप्पू यादव को 6 फरवरी की आधी रात को पटना पुलिस ने 1995 के एक केस में गिरफ्तार किया। उनकी गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह पटना पुलिस और सत्ता में बैठे मंत्रियों पर हमलावर हैं। वह लगातार दावा कर रहे हैं कि पटना पुलिस मंत्री के बेटे को बचा रही है। पटना के हॉस्टल से नेताओं को लड़कियों की सप्लाई होती है। पप्पू यादव ने NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस में कई सवाल उठाए पहलाः हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन ने कहा कि वो देहरादून में थे, यहां नहीं थे। उसने झूठ बोला, जबकि वो पटना में ही था। दूसराः प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की नर्स ने मुझे बताया कि शाम में उसे प्रभात हॉस्पिटल लाया गया। बच्ची को 6 जनवरी को बेहोश लाया गया, 8 को होश आया। 6 को घटना हुई, 9 तक FIR नहीं करते है। कौन-कौन दोषी है। तीसराः दो बड़ी एजेंसी CID और SIT काम कर रही है। इनको कुछ पता ही नहीं चल रहा है। किसने रेप किया। जबकि हॉस्पिटल में सबको पता चल गया कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। चौथाः पटना पुलिस बस लड़की के परिवार को तंग कर रही है। जब सब का DNA ले लिया, तो अब तो पता चल गया होगा, परिवार के किन लोगों ने गलत किया। अगर नहीं पता चला तो अब परिवार को परेशान क्यों कर रहे है। पांचवांः 18 दिन के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा उस लड़की के घर जाते है।वो भी तब जाते है, जब उनको पता चलता है, कि उनके समाज के लोग हैं। कई लोगों के कहने पर वो जाते हैं। छठाः मेरा अंतिम सवाल ये है कि वो बची मारी कैसी। क्या हम सही ट्रीटमेंट नहीं पाए, क्या गलत इलाज कर दिया। ——– पप्पू यादव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.. पप्पू यादव 31 साल पुराने केस में पटना से गिरफ्तार:बोले- मेरी हत्या हो सकती है; आधी रात 3 घंटे चला ड्रामा, समर्थक भड़के सांसद पप्पू यादव को शनिवार सुबह पटना पुलिस IGIMS से लेकर PMCH पहुंची है। गिरफ्तारी के दौरान चोट लगने के कारण उनके सिर में दर्द है, साथ ही धड़कन बढ़ने से उन्हें तकलीफ हो रही है। पटना पुलिस ने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात 12 बजे गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें। NEET स्टूडेंट की मौत,सवाल उठाने पर गिरफ्तार हुए पप्पू यादव?:कहा था-शंभू गर्ल्स हॉस्टल से लड़कियां सप्लाई होती हैं; बीजेपी नेता के बेटे का हाथ
पटना में सियासी हलचल के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की देर रात गिरफ्तारी ने राजनीति गरमा दी है। पटना पुलिस ने उन्हें 31 साल पुराने एक मामले में कोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब पटना में NEET छात्रा के रेप के बाद हत्या का मामला तूल पकड़ चुका है। पूरी खबर पढ़ें। 11 मई 2021, सुबह करीब 9 बजे। पटना के मंदिरी स्थित आवास पर अपने समर्थकों के साथ बैठकर रणनीति बना रहे थे कि वे कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए आज किन-किन इलाकों और किस-किस अस्पताल में जाएंगे। तभी 5 थानों की पुलिस धमक गई। पुलिस ने कोरोना गाइडलाइन तोड़ने का आरोप लगाया। गिरफ्तार करने पहुंचे कोतवाली DSP को पप्पू ने लिखित आश्वासन दिया कि कोरोना के दौर में वे घर से बाहर नहीं निकलेंगे, लेकिन पुलिस नहीं मानी और गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाना ले गई। दिन भर थाने में रखने के बाद पुलिस ने शाम 5 बजे 1989 के अपहरण केस में गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव ने भूख हड़ताल कर दी। मधेपुरा पुलिस उसी शाम उन्हें बाई रोड मधेपुरा कोर्ट ले गई और रात 11.30 बजे कोर्ट में पेश किया। वहां से पप्पू यादव को वीरपुर जेल भेज दिया गया। खाना छोड़ने से पप्पू यादव की जेल में तबीयत बिगड़ गई। तब 13 मई 2021 को उन्हें DMCH में एडमिट कराया गया। 1 जून 2021 को अपहरण केस में मधेपुरा सेशन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया। उस केस में पप्पू यादव को करीब 5 महीने जेल में रहना पड़ा। 3 अक्तूबर 2021 को मधेपुरा स्पेशल कोर्ट ने सबूत के अभाव में अपहरण केस से बरी कर दिया। फिर वह जेल से बाहर आए। यह कहानी है 5 साल पहले पप्पू यादव की गिरफ्तारी की। उस पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सियासी हंगामा हुआ था। रूडी को एक्सपोज किया तो पुलिस ने गिरफ्तार किया पप्पू यादव की गिरफ्तारी उस वक्त हुई थी जब वे बिहार सरकार पर हमलावर थे। कोरोना काल में सरकार की बदइंतजामी को लगातार एक्सपोज कर रहे थे। गिरफ्तारी से 4 दिन पहले 7 मई 2021 की शाम पप्पू यादव ने छपरा पहुंचकर BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी के गांव में 25 से अधिक एंबुलेंस को ढंककर रखने का मामला उजागर किया था। जो काफी सुर्खियों में रहा था। पप्पू यादव ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें एंबुलेंस को बालू (रेत) ढोते दिखाया गया था। तब पप्पू ने रूडी पर केस दर्ज करने की मांग भी की थी। बाद में छपरा में पप्पू यादव पर ही केस दर्ज हो गया। इसके बाद पटना में भी कोरोना गाइडलाइन को लेकर पप्पू पर FIR दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर तब पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तब पुलिस की गिरफ्तारी की टाइमिंग पर उठे थे सवाल 2021 में पप्पू यादव पर पुलिस की कार्रवाई पर काफी सवाल उठे थे। पुलिस ने वारंट निकलने के 15 महीने बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी तब हुई थी जब वह सरकार को लगातार एक्सपोज कर रहे थे। तब पुलिस की टाइमिंग पर सवाल इसलिए उठे थे… तब आधी रात को खुली थी कोर्ट 11 मई, मंगलवार को आधी रात को पप्पू यादव के लिए मधेपुरा सिविल कोर्ट को खोला गया था। जिसके बाद पप्पू यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया था। पप्पू यादव वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस सुनवाई में जुड़े थे, तब उन्होंने अपनी बीमारी का हवाला दिया गया था। लेकिन उन्हें न्यायिक हिरासत में बीरपुर (सुपौल) जेल भेजने के आदेश दिए गए। साथ ही कहा गया कि जेल में उनके इलाज की सही व्यवस्था की जाए। रात के लगभग 12 बजे अधिकारी पप्पू यादव को बीरपुर जेल लेकर गए थे। उस वक्त जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जमकर विरोध जताया था। जब पप्पू यादव को पुलिस गांधी मैदान थाने से मधेपुरा ले जा रही थी तो भीड़ ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता NH-19 पर सड़क पर लेटकर रोकने के प्रयास में थे। पुलिस ने बढ़ी मुश्किल से सभी को हटाया और आगे बढ़ी थी। अब NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस में हमलावर हैं… पप्पू यादव को 6 फरवरी की आधी रात को पटना पुलिस ने 1995 के एक केस में गिरफ्तार किया। उनकी गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह पटना पुलिस और सत्ता में बैठे मंत्रियों पर हमलावर हैं। वह लगातार दावा कर रहे हैं कि पटना पुलिस मंत्री के बेटे को बचा रही है। पटना के हॉस्टल से नेताओं को लड़कियों की सप्लाई होती है। पप्पू यादव ने NEET स्टूडेंट रेप-मर्डर केस में कई सवाल उठाए पहलाः हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन ने कहा कि वो देहरादून में थे, यहां नहीं थे। उसने झूठ बोला, जबकि वो पटना में ही था। दूसराः प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की नर्स ने मुझे बताया कि शाम में उसे प्रभात हॉस्पिटल लाया गया। बच्ची को 6 जनवरी को बेहोश लाया गया, 8 को होश आया। 6 को घटना हुई, 9 तक FIR नहीं करते है। कौन-कौन दोषी है। तीसराः दो बड़ी एजेंसी CID और SIT काम कर रही है। इनको कुछ पता ही नहीं चल रहा है। किसने रेप किया। जबकि हॉस्पिटल में सबको पता चल गया कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। चौथाः पटना पुलिस बस लड़की के परिवार को तंग कर रही है। जब सब का DNA ले लिया, तो अब तो पता चल गया होगा, परिवार के किन लोगों ने गलत किया। अगर नहीं पता चला तो अब परिवार को परेशान क्यों कर रहे है। पांचवांः 18 दिन के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा उस लड़की के घर जाते है।वो भी तब जाते है, जब उनको पता चलता है, कि उनके समाज के लोग हैं। कई लोगों के कहने पर वो जाते हैं। छठाः मेरा अंतिम सवाल ये है कि वो बची मारी कैसी। क्या हम सही ट्रीटमेंट नहीं पाए, क्या गलत इलाज कर दिया। ——– पप्पू यादव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.. पप्पू यादव 31 साल पुराने केस में पटना से गिरफ्तार:बोले- मेरी हत्या हो सकती है; आधी रात 3 घंटे चला ड्रामा, समर्थक भड़के सांसद पप्पू यादव को शनिवार सुबह पटना पुलिस IGIMS से लेकर PMCH पहुंची है। गिरफ्तारी के दौरान चोट लगने के कारण उनके सिर में दर्द है, साथ ही धड़कन बढ़ने से उन्हें तकलीफ हो रही है। पटना पुलिस ने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात 12 बजे गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें। NEET स्टूडेंट की मौत,सवाल उठाने पर गिरफ्तार हुए पप्पू यादव?:कहा था-शंभू गर्ल्स हॉस्टल से लड़कियां सप्लाई होती हैं; बीजेपी नेता के बेटे का हाथ
पटना में सियासी हलचल के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की देर रात गिरफ्तारी ने राजनीति गरमा दी है। पटना पुलिस ने उन्हें 31 साल पुराने एक मामले में कोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब पटना में NEET छात्रा के रेप के बाद हत्या का मामला तूल पकड़ चुका है। पूरी खबर पढ़ें।  

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