बोकारो के महुआटांड़ में ने दादा-पोते को कुचला:दो दिन में इलाके में 5 को मारा, 4 हुए घायल, पांच हाथियों का झुंड कर रहा उत्पात

बोकारो के महुआटांड़ में ने दादा-पोते को कुचला:दो दिन में इलाके में 5 को मारा, 4 हुए घायल, पांच हाथियों का झुंड कर रहा उत्पात

रामगढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र महुआटांड़ गंगपुर में जंगली हाथियों के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। शुक्रवार को हाथियों के झुंड ने एक घर पर हमला कर दिया। जहां हाथियों ने 55 वर्षीय समर साव और उनके तीन वर्षीय पोते अमन कुमार को कुचल कर मार डाला। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण चीख-पुकार करते रहे, लेकिन हाथियों के आतंक के कारण कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलने पर प्रशासन और वन विभाग की टीम हरकत में आई। पांच हाथियों का झुंड बताया मचा रहा उत्पात ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का पांच सदस्यीय झुंड अचानक गंगपुर गांव में घुस आया और एक घर को निशाना बना लिया। इसी दौरान समर साव और उनका पोता अमन कुमार हाथियों की चपेट में आ गए। दोनों को हाथियों ने बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हाथी गांव की गलियों में तांडव मचाते रहे। हाथियों के जाने के बाद ग्रामीणों ने साहस जुटाकर शवों को बाहर निकाला। हाथियों के इस हमले में चार अन्य लोग भी घायल हो गए। घायलों में 11 वर्षीय राशि कुमारी, 6 वर्षीय आयुष कुमार, 9 वर्षीय राहुल कुमार और 50 वर्षीय शांति देवी शामिल हैं। इनमें राहुल कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है, क्योंकि हाथियों ने उसका पैर कुचल दिया है। सभी घायलों को आनन-फानन में रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दो दिन पहले भी तीन को मार डाला, ग्रामीणों में आक्रोश इससे एक दिन पहले ही गंगपुर से सटे पन्नू गांव में हाथियों के झुंड ने तीन लोगों की जान ले ली थी। ग्रामीणों का कहना है कि शाम पांच बजे के बाद गांव में बिजली काट दी जाती है, जिससे अंधेरा छा जाता है। इसी अंधेरे का फायदा उठाकर हाथी गांव में घुस आते हैं। हाथियों के बढ़ते हमलों और बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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इसे भी पढ़ें.… बोकारो में हाथियों ने 3 लोगों को कुचल कर मारा:सभी एक ही परिवार के सदस्य, शाम में भगाए गए थे, सुबह-सुबह लौटकर मचाया तांडव
बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत छुटकी पुन्नू गांव में हाथियों ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया है। हाथियों के झुंड ने एक ही करमाली परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली, जबकि पांच अन्य ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की शाम करीब 7 बजे हाथियों का झुंड गांव में घुस आया था। उस समय ग्रामीणों ने मशाल, शोर और अन्य उपायों से हाथियों को किसी तरह भगा दिया। हालांकि खतरा टला नहीं था। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हाथियों का झुंड दोबारा गांव में घुसा और इस बार जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने घरों के गेट तोड़े और अंदर घुसकर सो रहे लोगों पर हमला कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…. रामगढ़ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र महुआटांड़ गंगपुर में जंगली हाथियों के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। शुक्रवार को हाथियों के झुंड ने एक घर पर हमला कर दिया। जहां हाथियों ने 55 वर्षीय समर साव और उनके तीन वर्षीय पोते अमन कुमार को कुचल कर मार डाला। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण चीख-पुकार करते रहे, लेकिन हाथियों के आतंक के कारण कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलने पर प्रशासन और वन विभाग की टीम हरकत में आई। पांच हाथियों का झुंड बताया मचा रहा उत्पात ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का पांच सदस्यीय झुंड अचानक गंगपुर गांव में घुस आया और एक घर को निशाना बना लिया। इसी दौरान समर साव और उनका पोता अमन कुमार हाथियों की चपेट में आ गए। दोनों को हाथियों ने बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हाथी गांव की गलियों में तांडव मचाते रहे। हाथियों के जाने के बाद ग्रामीणों ने साहस जुटाकर शवों को बाहर निकाला। हाथियों के इस हमले में चार अन्य लोग भी घायल हो गए। घायलों में 11 वर्षीय राशि कुमारी, 6 वर्षीय आयुष कुमार, 9 वर्षीय राहुल कुमार और 50 वर्षीय शांति देवी शामिल हैं। इनमें राहुल कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है, क्योंकि हाथियों ने उसका पैर कुचल दिया है। सभी घायलों को आनन-फानन में रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दो दिन पहले भी तीन को मार डाला, ग्रामीणों में आक्रोश इससे एक दिन पहले ही गंगपुर से सटे पन्नू गांव में हाथियों के झुंड ने तीन लोगों की जान ले ली थी। ग्रामीणों का कहना है कि शाम पांच बजे के बाद गांव में बिजली काट दी जाती है, जिससे अंधेरा छा जाता है। इसी अंधेरे का फायदा उठाकर हाथी गांव में घुस आते हैं। हाथियों के बढ़ते हमलों और बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत छुटकी पुन्नू गांव में हाथियों ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया है। हाथियों के झुंड ने एक ही करमाली परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली, जबकि पांच अन्य ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की शाम करीब 7 बजे हाथियों का झुंड गांव में घुस आया था। उस समय ग्रामीणों ने मशाल, शोर और अन्य उपायों से हाथियों को किसी तरह भगा दिया। हालांकि खतरा टला नहीं था। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हाथियों का झुंड दोबारा गांव में घुसा और इस बार जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने घरों के गेट तोड़े और अंदर घुसकर सो रहे लोगों पर हमला कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें….  

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