Rajasthan Census 2027: जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत शनिवार से प्रदेश में फील्ड गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। इसकी शुरुआत राज्य स्तरीय जनगणना सम्मेलन से होगी। सम्मेलन में संभाग और जिला स्तर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को विकास में जनगणना की भूमिका, महत्व और उससे जुड़े कार्यों की जानकारी दी जाएगी। उधर, केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए प्रगणक और सुपरवाइजर के रूप में राज्य सरकार से 1.60 लाख कर्मचारियों की मांग की है।
राज्य स्तरीय जनगणना सम्मेलन शनिवार को सचिवालय में होगा। इसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, देश के जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक शामिल होंगे। जनगणना आयुक्त सहित सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर और नगर निगम आयुक्त ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे।
अगले चरण में जिला स्तर पर जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण सोमवार से 20 फरवरी तक चलेगा। इसके तहत अतिरिक्त जिला कलक्टर, तहसीलदार और शहरी निकायों के अधिशासी अधिकारियों को दो दिन तथा उनके सहायक कर्मचारियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
103 मास्टर ट्रेनर और 1257 फील्ड ट्रेनर होंगे तैयार
अप्रैल के पहले सप्ताह में 103 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर तीन दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से 1257 फील्ड ट्रेनर तैयार करेंगे। फील्ड ट्रेनर मई के पहले सप्ताह में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को तीन दिन का प्रशिक्षण देंगे। इसी दौरान जनगणना कार्य के लिए मोबाइल एप पर लॉगिन आईडी भी जारी की जाएंगी।
पहला चरण एक मई से
- जनगणना का पहला चरण मकान सूचीकरण एक मई से 14 जून तक होगा
- 1 से 15 मई तक लोगों को स्व-गणना का अवसर मिलेगा
- 16 मई से 14 जून तक प्रगणक फील्ड में जाएंगे
पूछे जाएंगे ऐसे सवाल
परिवार का मुखिया, भवन में छत व दीवार की निर्माण सामग्री, भवन के उपयोग व कमरे, परिवार के सदस्य व विवाहित जोड़े, भवन स्वामित्व, पेयजल-प्रकाश के स्रोत, शौचालय- बाथरूम की उपलब्धता, ड्रेनेज सिस्टम, रसोई व एलपीजी कनेक्शन उपलब्धता, खाना पकाने का ईंधन, कौन सा अनाज, रेडियो, टीवी और इंटरनेट उपलब्धता, लैपटॉप, कंप्यूटर, टेलीफोन व मोबाइल उपलब्धता, घर में वाहन। इन सहित हर घर से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।


