गोपालगंज में घना कोहरा, पछुआ हवाओं से बढ़ी ठंड:7 किमी प्रति घंटा की गति से चल रही हवाएं, विजिबिलिटी हुई कम

गोपालगंज में घना कोहरा, पछुआ हवाओं से बढ़ी ठंड:7 किमी प्रति घंटा की गति से चल रही हवाएं, विजिबिलिटी हुई कम

गोपालगंज जिले में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। पछुआ हवाओं के कारण कनकनी बढ़ गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह की शुरुआत घने कोहरे और ठिठुरन के साथ हुई। मौसम विभाग के अनुसार, जिले का अधिकतम तापमान लगभग 24°C रहने का अनुमान है, लेकिन कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण धूप का असर कम महसूस होगा। वहीं, न्यूनतम तापमान रात और सुबह के समय गिरकर 10°C तक पहुंच गया है, जिससे भारी ठंड महसूस की जा रही है। सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम रही। घने कोहरे के कारण यातायात प्रभावित हुआ है और एनएच-27 जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 7 किमी प्रति घंटा की गति से चल रही हवाएं पश्चिमी हवाएं लगभग 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चल रही हैं। ये ठंडी हवाएं सीधे हिमालयी क्षेत्रों से आ रही हैं, जिससे हवा में नमी और ‘चिल फैक्टर’ बढ़ गया है। इसी वजह से लोग दिन में भी अलाव का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने बढ़ती कनकनी को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पछुआ हवा के कारण होने वाली यह ठंड फेफड़ों और जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ा सकती है। गोपालगंज जिले में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। पछुआ हवाओं के कारण कनकनी बढ़ गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह की शुरुआत घने कोहरे और ठिठुरन के साथ हुई। मौसम विभाग के अनुसार, जिले का अधिकतम तापमान लगभग 24°C रहने का अनुमान है, लेकिन कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण धूप का असर कम महसूस होगा। वहीं, न्यूनतम तापमान रात और सुबह के समय गिरकर 10°C तक पहुंच गया है, जिससे भारी ठंड महसूस की जा रही है। सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम रही। घने कोहरे के कारण यातायात प्रभावित हुआ है और एनएच-27 जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 7 किमी प्रति घंटा की गति से चल रही हवाएं पश्चिमी हवाएं लगभग 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चल रही हैं। ये ठंडी हवाएं सीधे हिमालयी क्षेत्रों से आ रही हैं, जिससे हवा में नमी और ‘चिल फैक्टर’ बढ़ गया है। इसी वजह से लोग दिन में भी अलाव का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने बढ़ती कनकनी को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पछुआ हवा के कारण होने वाली यह ठंड फेफड़ों और जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ा सकती है।  

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