कैनविज कंपनी के नाम पर देश भर के लाखों लोगों को चूना लगाने वाले कन्हैया गुलाटी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्लॉट बेचने और निवेश के नाम पर कई हजार करोड़ों की ठगी करने वाले गुलाटी पर अलग-अलग थानों में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी अनुराग आर्य ने बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय से पत्रावली तलब करने के बाद शुक्रवार रात कन्हैया गुलाटी की ‘बी क्लास’ हिस्ट्रीशीट खोल दी है। हालांकि, एसआईटी जांच के बावजूद पुलिस अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। राजेश मौर्य पर भी पुलिस का कड़ा एक्शन
शहरवासियों को निवेश के नाम पर 300 करोड़ और देश भर के लाखों लोगों को कई हजार करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले श्री गंगा इंफ्रासिटी के निदेशक राजेश मौर्य पर भी पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। राजेश पर ठगी के 50 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। 6 साल पहले करोड़ों की ठगी कर गायब हुए राजेश को पुलिस पहले भी जेल भेज चुकी है, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से सक्रिय हो गया था। मई 2025 में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद उसे दोबारा जेल भेजा गया। अब कन्हैया के साथ राजेश की भी हिस्ट्रीशीट खोलकर पुलिस ने कड़े संकेत दे दिए हैं। क्या होती है बी-क्लास हिस्ट्रीशीट?
पुलिस रिकॉर्ड में ‘बी क्लास’ हिस्ट्रीशीट उन अपराधियों की खोली जाती है जो पेशेवर अपराधी होते हैं और जिनके सुधरने की गुंजाइश कम होती है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब इन दोनों आरोपियों की हर गतिविधि, उनके मिलने वाले लोगों और संपत्ति पर पुलिस की सीधी नजर रहेगी। अपराधियों को अब नियमित रूप से थाने में हाजिरी भी देनी पड़ सकती है।


