‘न बंटने देंगे, न कटने देंगे’ के नारे से गूंजा रामपुर, हिंदू सम्मेलन में आचार्य प्रमोद कृष्णम का सनातन संदेश

‘न बंटने देंगे, न कटने देंगे’ के नारे से गूंजा रामपुर, हिंदू सम्मेलन में आचार्य प्रमोद कृष्णम का सनातन संदेश

Acharya Pramod Krishnam Rampur: शुक्रवार को रामपुर नगर की शिव बाग मंडी में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का ओजस्वी संबोधन रहा। आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साह का माहौल बना रहा और जयघोषों से वातावरण गूंज उठा।

स्कूली बैंड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ स्वागत

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का नगर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। स्कूली बैंड की धुनों के बीच उन्हें मंच तक लाया गया। मंच पर भारतमाता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसे स्कूली बच्चों ने प्रस्तुत किया। इसके साथ ही आयोजन के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।

मंच पर जुटी राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां

कार्यक्रम में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल और भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश गंगवार सहित कई प्रमुख नेता मंचासीन रहे। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को गदा भेंट कर सम्मानित किया। मंच पर मौजूद अतिथियों ने सम्मेलन की भव्यता और उद्देश्य की सराहना की।

‘अच्छी नहीं, सच्ची बात कहने आया हूं’ से शुरू हुआ संबोधन

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि वह अच्छी नहीं बल्कि सच्ची बात कहने आए हैं। उन्होंने भारत के अतीत को गौरवशाली और वर्तमान को शक्तिशाली बताते हुए कहा कि हिंदुस्तान को ‘हिन्दुस्थान’ कहा जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब तक सनातन है, तब तक भारत सुरक्षित और मजबूत है।

‘न बंटने देंगे, न कटने देंगे’ का दिया नया नारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बंटोगे तो कटोगे’ वाले बयान का विरोध करने वालों पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तीखे शब्दों में हमला बोला। उन्होंने ऐसे विरोध को ‘कुत्तों का भौंकना’ बताते हुए नया नारा दिया- ‘न बंटने देंगे, न कटने देंगे’। इस नारे के साथ उन्होंने मौजूद लोगों में जोश और एकजुटता का संदेश भर दिया।

सनातन को बताया भारत की मूल आत्मा

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भारत में सभी धर्मों का सम्मान है, लेकिन सभी धर्म समान नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन भारत की मूल पहचान और उत्पत्ति है। उनका कहना था कि सनातन ही भारत की आत्मा है और उसी से राष्ट्र की शक्ति निकलती है।

आरएसएस की भूमिका पर खुलकर बोले पीठाधीश्वर

अपने भाषण में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राम और राष्ट्र के नाम पर कोई समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने सभी से सनातन के लिए संकल्प लेने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *