भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह शुक्रवार को शाजापुर के भीलवाड़िया गांव स्थित गोशाला पहुंचे। वहां उन्होंने गायों के रखरखाव और चारे-पानी की व्यवस्था देखी। इस दौरान उन्होंने गो-सेवा और गो-रक्षा को लेकर समाज की सक्रियता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि गो-तस्करी जैसी घटनाओं को केवल सरकारी कानूनों से नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता से ही पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। भीलवाड़िया गोशाला का लिया जायजा अपने अल्प प्रवास के दौरान राजेंद्र सिंह भीलवाड़िया गांव स्थित गोशाला पहुंचे। वहां उन्होंने गायों के रखरखाव और चारे-पानी की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गो-सेवा केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोशाला संचालकों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को भी सुना। 10 हजार गांवों तक पहुंची गो-यात्रा मीडिया से चर्चा करते हुए राजेंद्र सिंह ने बताया कि किसान मोर्चा साल 2016 से लगातार प्रदेश भर में गो-यात्राएं निकाल रहा है। अब तक प्रदेश की 150 विधानसभाओं के करीब 10 हजार गांवों में गो-रक्षा का संदेश पहुंचाया जा चुका है। इन यात्राओं का ही असर है कि प्रदेश में लगभग 30 हजार लोगों ने अपने घरों में व्यक्तिगत रूप से गाय पालना और उनकी सेवा करना शुरू कर दिया है। हर विधानसभा में बनेगा गो-अभ्यारण्य राजेंद्र सिंह ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार गोशालाओं को प्रति गाय के हिसाब से आर्थिक मदद दे रही है। इसके अलावा, गो-वंश के संरक्षण के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में गो-अभ्यारण्य बनाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार तस्करी रोकने के लिए सख्त नियम बना रही है, लेकिन समाज को भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।


