विदिशा में प्रस्तावित डी-मार्ट मॉल के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन तेज हो गया है। पावर डिस्ट्रीब्यूटर संगठन के नेतृत्व में माधवगंज स्थित कांच मंदिर के पास पिछले चार दिनों से धरना-प्रदर्शन जारी है। व्यापारी इस परियोजना को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का आरोप है कि डी-मार्ट जैसे बड़े मॉल के खुलने से छोटे दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह समाप्त हो सकता है। उनका कहना है कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में व्यापारियों के साथ आम नागरिक भी शामिल हुए हैं। उन्होंने डी-मार्ट जैसी बड़ी कंपनियों से विदिशा जैसे छोटे शहरों में मॉल न खोलने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि बड़े कॉरपोरेट मॉल स्थानीय व्यापार को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। पावर डिस्ट्रीब्यूटर संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि डी-मार्ट परियोजना वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह केवल विदिशा का नहीं, बल्कि देशभर के छोटे व्यापारियों के अस्तित्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाना चाहिए। इस धरने को सराफा संघ, अनाज-तिलहन संघ, रेडीमेड एवं कपड़ा संघ, केमिस्ट एसोसिएशन, पान-मसाला संघ, पेय पदार्थ संघ और लघु अनाज संघ सहित कई प्रमुख व्यापारिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। आज धरना स्थल पर उपभोक्ताओं से संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें व्यापारियों ने आम जनता को डी-मार्ट के संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी दी और स्थानीय व्यापार को बचाने के लिए समर्थन मांगा। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार्य नहीं है जो स्थानीय दुकानों और रोजगार को समाप्त कर दे।


