हातोद में स्वतंत्रता सेनानी कर्नल ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि मनाई:मशाल यात्रा तिरंगा यात्रा श्रद्धांजलि सभा में युवाओं में दिखी देशभक्ति

हातोद में स्वतंत्रता सेनानी कर्नल ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि मनाई:मशाल यात्रा तिरंगा यात्रा श्रद्धांजलि सभा में युवाओं में दिखी देशभक्ति

प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पद्मभूषण से सम्मानित कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि शिवपुरी जिले के हातोद ग्राम में श्रद्धा और देशभक्ति के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व सैन्य अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने अमर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। पुण्यतिथि कार्यक्रम से पहले एक पैदल मशाल और तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा बलिदान भूमि क्रांतिवीर तात्या टोपे के समाधि स्थल से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई हातोद स्थित आज़ाद हिंद पार्क पहुंची। यात्रा में शामिल प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान के बीच हाथों में मशाल व तिरंगा लेकर शहीदों को नमन किया। इस यात्रा का आयोजन बी.पी.एम. जय हिंद मिशन समिति, शिवपुरी द्वारा किया गया था। हर साल की तरह मेला भी लगा
ग्राम हातोद स्थित समाधि स्थल पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी मेला लगा। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, सीआरपीएफ आईजीपी गुरशक्ति सिंह, आईटीबीपी डीआईजी रोशन लाल ठाकुर और कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। मशाल यात्रा के पहुंचने पर मशाल को समाधि स्थल पर विधिवत रखा गया। कर्नल ढिल्लन की पुत्री अमृता मेहरोत्रा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके पिता ने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना किया, लेकिन हर परिस्थिति में मुस्कुराते हुए आगे बढ़ते रहे। उन्होंने कहा कि उनके पिता का जीवन कठिन समय में भी डटकर सामना करने का संदेश देता है। वहीं, उनके पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी पिता की शहादत और राष्ट्रसेवा को याद किया। इस अवसर पर एक सर्वधर्म सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं ने शांति, सद्भाव, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों ने राष्ट्रभक्ति गीतों पर प्रस्तुतियां देकर वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की नेहरू ब्रिगेड की कमान सौंपी थी। उन्होंने ब्रिटिश सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला। स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया और उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया। आज़ादी के बाद हातोद को बनाया कर्मभूमि
आजादी के बाद कर्नल ढिल्लन ने शिवपुरी को अपना निवास स्थान चुना और ग्राम हातोद में रहकर युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करने वाली कविताएं व पुस्तकें लिखीं। 6 फरवरी 2006 को उनका निधन हुआ। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष जसमंत जाटव, पूर्व जिला अध्यक्ष राजू बाथम, एनसीसी इंडियन आर्मी कर्नल विजयवीर सिंह दाहिया, आईटीबीपी कर्नल बलजीत सिंह, कर्नल राजेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर, जिला पंचायत सीईओ विजय राज, एसडीएम आनंद राजावत सहित आईटीबीपी, सीआरपीएफ, पुलिस के अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, पत्रकारगण, गणमान्य नागरिक एवं कर्नल ढिल्लन के परिजन उपस्थित रहे।

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