बेगूसराय में चार आरोपी दोषी करार:2 को कारावास और जुर्माना, दो को प्रोबेशन लाभ देते हुए रिहा किया गया

बेगूसराय में चार आरोपी दोषी करार:2 को कारावास और जुर्माना, दो को प्रोबेशन लाभ देते हुए रिहा किया गया

बेगूसराय में एक पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। इनमें से दो को कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि अन्य दो को प्रोबेशन का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया। अदालत ने ललन महतो और कपिल देव महतो को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 324, 325 और 326 के तहत दोषी ठहराया। उन्हें पांच-पांच साल की कैद और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, ललन महतो पर एक लाख रुपये और कपिल देव महतो पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसी मामले में, राजनंदन मट्टू और ललित महतो को IPC की धारा 147, 143, 148 और 323 के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें क्रिमिनल सेक्शन के तहत प्रोबेशन का लाभ दिया और कड़ी फटकार के बाद जेल से रिहा कर दिया। अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने बताया कि यह घटना 4 जुलाई 2012 को भगवानपुर थाना क्षेत्र के मखवा गांव में हुई थी। पुलिस ने राम नरेश महतो के बयान पर मामला दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान, सरकारी गवाहों सहित कुल आठ लोगों ने न्यायाधीश के समक्ष गवाही दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने 26 जनवरी को सभी आरोपियों को दोषी पाया था और आज सजा के बिंदु पर सुनवाई का आदेश दिया। अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव और सूचक के निजी अधिवक्ता मो. वसीम अहमद ने अधिकतम सजा की दलील दी, जबकि बचाव पक्ष ने न्यूनतम सजा का अनुरोध किया था। बेगूसराय में एक पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। इनमें से दो को कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि अन्य दो को प्रोबेशन का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया। अदालत ने ललन महतो और कपिल देव महतो को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 324, 325 और 326 के तहत दोषी ठहराया। उन्हें पांच-पांच साल की कैद और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, ललन महतो पर एक लाख रुपये और कपिल देव महतो पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसी मामले में, राजनंदन मट्टू और ललित महतो को IPC की धारा 147, 143, 148 और 323 के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें क्रिमिनल सेक्शन के तहत प्रोबेशन का लाभ दिया और कड़ी फटकार के बाद जेल से रिहा कर दिया। अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने बताया कि यह घटना 4 जुलाई 2012 को भगवानपुर थाना क्षेत्र के मखवा गांव में हुई थी। पुलिस ने राम नरेश महतो के बयान पर मामला दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान, सरकारी गवाहों सहित कुल आठ लोगों ने न्यायाधीश के समक्ष गवाही दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने 26 जनवरी को सभी आरोपियों को दोषी पाया था और आज सजा के बिंदु पर सुनवाई का आदेश दिया। अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव और सूचक के निजी अधिवक्ता मो. वसीम अहमद ने अधिकतम सजा की दलील दी, जबकि बचाव पक्ष ने न्यूनतम सजा का अनुरोध किया था।  

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