‘जातियों में बंटे हैं लेकिन समाज एक है’:सम्राट चौधरी बोले- समाज को जोड़ने वाले महान संत थे गुरु रविदास, जयंती पर किया नमन

BJP के प्रदेश कार्यालय में आज संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती मनाई गई। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित पार्टी के कई बड़े नेता-पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने संत रविदास की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास केवल एक संत नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने वाले महान विचारक थे। उन्होंने लगभग 600 साल पहले समाज को समरसता और एकता का मार्ग दिखाया। उनका संदेश था कि समाज में भेदभाव, वैमनस्य और संघर्ष का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। जातियों में बंटे हो सकते हैं, लेकिन समाज एक है सम्राट चौधरी ने कहा कि संत रविदास का स्पष्ट मानना था कि समाज हम सबका है। हम जातियों में बंटे जरूर हैं, लेकिन समाज एक है। यही कारण है कि गुरु रविदास किसी एक वर्ग या जाति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज के प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सबको जोड़ने का काम किया, इसलिए वे आज पूरे समाज के आराध्य हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के विचार कालजयी हैं, जो आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब सभी वर्ग मिलकर साथ चलें। सामाजिक न्याय तभी संभव है जब सबके साथ न्याय हो और भाजपा इसी सिद्धांत पर कार्य कर रही है। प्रतिभा और विचारों को दबाया नहीं जा सकता- विजय सिन्हा उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि संत रविदास ने अपनी आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सरोकारों से यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा और विचारों को कभी दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने मानव कल्याण, राष्ट्र सेवा और समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समर्पित कर दिया। मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं संत रविदास के विचार विजय सिन्हा ने कहा कि संत रविदास के ओजस्वी और दिव्य विचार मानवता के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। उनके विचारों का प्रकाश समाज को अंधकार से निकालकर समरसता और समानता के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने जन्म को नहीं, बल्कि कर्म और कौशल को मनुष्य की असली पहचान बताया। सामाजिक न्याय, समता और बंधुत्व के मूल्यों पर आधारित उनके विचार आज भी एक सशक्त, समरस और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। लखिन्द्र पासवान बोले- छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ बुलंद की आवाज भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लखिन्द्र पासवान ने कहा कि संत रविदास ने जातिवाद, भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाकर समाज को नई दिशा दी। उन्होंने समानता और भाईचारे का संदेश देकर सामाजिक एकता को मजबूत किया। समाज में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। लखिन्द्र पासवान ने कहा कि आज केंद्र और बिहार की भाजपा सरकार संत रविदास के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। BJP के प्रदेश कार्यालय में आज संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती मनाई गई। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित पार्टी के कई बड़े नेता-पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने संत रविदास की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास केवल एक संत नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने वाले महान विचारक थे। उन्होंने लगभग 600 साल पहले समाज को समरसता और एकता का मार्ग दिखाया। उनका संदेश था कि समाज में भेदभाव, वैमनस्य और संघर्ष का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। जातियों में बंटे हो सकते हैं, लेकिन समाज एक है सम्राट चौधरी ने कहा कि संत रविदास का स्पष्ट मानना था कि समाज हम सबका है। हम जातियों में बंटे जरूर हैं, लेकिन समाज एक है। यही कारण है कि गुरु रविदास किसी एक वर्ग या जाति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज के प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सबको जोड़ने का काम किया, इसलिए वे आज पूरे समाज के आराध्य हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के विचार कालजयी हैं, जो आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब सभी वर्ग मिलकर साथ चलें। सामाजिक न्याय तभी संभव है जब सबके साथ न्याय हो और भाजपा इसी सिद्धांत पर कार्य कर रही है। प्रतिभा और विचारों को दबाया नहीं जा सकता- विजय सिन्हा उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि संत रविदास ने अपनी आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सरोकारों से यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा और विचारों को कभी दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने मानव कल्याण, राष्ट्र सेवा और समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समर्पित कर दिया। मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं संत रविदास के विचार विजय सिन्हा ने कहा कि संत रविदास के ओजस्वी और दिव्य विचार मानवता के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। उनके विचारों का प्रकाश समाज को अंधकार से निकालकर समरसता और समानता के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने जन्म को नहीं, बल्कि कर्म और कौशल को मनुष्य की असली पहचान बताया। सामाजिक न्याय, समता और बंधुत्व के मूल्यों पर आधारित उनके विचार आज भी एक सशक्त, समरस और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। लखिन्द्र पासवान बोले- छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ बुलंद की आवाज भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लखिन्द्र पासवान ने कहा कि संत रविदास ने जातिवाद, भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाकर समाज को नई दिशा दी। उन्होंने समानता और भाईचारे का संदेश देकर सामाजिक एकता को मजबूत किया। समाज में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। लखिन्द्र पासवान ने कहा कि आज केंद्र और बिहार की भाजपा सरकार संत रविदास के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।  

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