Bird Flu Human Risk: बर्ड फ्लू H5N1 फिर चर्चा में! इंसानों के लिए कितना खतरनाक है यह वायरस?

Bird Flu Human Risk: बर्ड फ्लू H5N1 फिर चर्चा में! इंसानों के लिए कितना खतरनाक है यह वायरस?

Bird Flu Human Risk: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में करीब 1,500 कौवों की अचानक मौत ने एक बार फिर बर्ड फ्लू (एवियन फ्लू) को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जांच में इन मौतों की वजह बर्ड फ्लू वायरस पाई गई है। यह वही वायरस है जो पिछले कुछ सालों से दुनियाभर में सुर्खियों में बना हुआ है और जिसे लेकर वैज्ञानिक लगातार चेतावनी दे रहे हैं।

क्या है बर्ड फ्लू और क्यों है खतरनाक?

इस बार चर्चा में जो वायरस है, वह है हाईली पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लुएंजा (HPAI), जिसे आमतौर पर H5N1 वायरस कहा जाता है। यह वायरस पक्षियों में तेजी से फैलता है और बड़ी संख्या में उनकी मौत का कारण बनता है। लेकिन खतरा सिर्फ पक्षियों तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वायरस प्रजातियां बदलने की क्षमता रखता है, यानी जानवरों से इंसानों में भी जा सकता है।

भारत में पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

भारत में H5N1 के मामले कोई नई बात नहीं हैं। झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में बीते वर्षों में पोल्ट्री फार्म और पक्षियों में बर्ड फ्लू फैल चुका है। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में जंगली जानवर और पक्षी इस वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इससे साफ है कि यह वायरस अब स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि एक वैश्विक खतरा बन चुका है।

इंसानों में भी हो चुका है संक्रमण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़े काफी डराने वाले हैं। जनवरी 2003 से दिसंबर 2025 तक 25 देशों में 993 इंसानी मामले सामने आए हैं। इनमें से 477 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी इस वायरस से संक्रमित करीब 48 फीसदी लोगों की जान चली गई।अधिकतर मामलों में इंसानों को यह संक्रमण संक्रमित पक्षियों या पोल्ट्री के सीधे संपर्क में आने से हुआ है। हाल के महीनों में अमेरिका समेत कुछ देशों में डेयरी फार्म में काम करने वाले मजदूरों में भी इसके मामले सामने आए हैं।

क्या इंसान से इंसान में फैल सकता है वायरस?

राहत की बात यह है कि अब तक H5N1 का इंसान से इंसान में लगातार फैलना साबित नहीं हुआ है। WHO का कहना है कि अगर ऐसा होता है, तो यह एक बेहद खतरनाक मोड़ होगा। हालांकि कुछ ऐसे मामले जरूर सामने आए हैं, जहां संक्रमित व्यक्ति का पोल्ट्री या जंगली जानवरों से कोई साफ संपर्क नहीं दिखा, जो वैज्ञानिकों के लिए चिंता की बात है।

सामान्य फ्लू से कहीं ज्यादा खतरनाक

डॉक्टरों के मुताबिक बर्ड फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। शुरुआत में बुखार, खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द और कमजोरी महसूस होती है। गंभीर मामलों में तेजी से निमोनिया हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
ICMR के एक वायरोलॉजिस्ट के अनुसार, इसके लक्षण आमतौर पर 8 से 10 दिन के भीतर दिखने लगते हैं, लेकिन कुछ लोग बिना लक्षण के भी संक्रमित हो सकते हैं, जिससे बीमारी की पहचान और रोकथाम मुश्किल हो जाती है।

चेन्नई की घटना क्या संकेत देती है?

चेन्नई में कौवों की मौत एक चेतावनी है कि यह वायरस भले ही पक्षियों में फैले, लेकिन इसका असर सीधे इंसानों की सेहत से जुड़ा हुआ है। इसलिए सतर्कता, निगरानी और समय पर कार्रवाई ही इस खतरे से बचने का सबसे बड़ा तरीका है।

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