शाजापुर पुलिस ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयारी शुरू की है। शुक्रवार को पुलिस लाइन और एसपी ऑफिस में आगजनी जैसी घटनाओं पर काबू पाने के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसमें अधिकारियों से लेकर जवानों तक को आग बुझाने के तरीके सिखाए गए। विशेषज्ञों ने दिए जरूरी टिप्स ट्रेनिंग के दौरान फायर सर्विस एक्सपर्ट धर्मेंद्र गोस्वामी ने पुलिसकर्मियों को अग्निशमन यंत्र के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि आग की गंभीरता के हिसाब से सिलेंडर का इस्तेमाल कैसे करना है और इसे दोबारा रिफिल (भरने) करने की प्रक्रिया क्या होती है। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि आग लगने के शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, अगर उस समय सही कदम उठा लिया जाए तो बड़े नुकसान को टाला जा सकता है। आग बुझाने का डेमो दिया सिर्फ भाषण ही नहीं, बल्कि मैदान पर इसका सीधा प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों को सिखाया कि सिलेंडर की पिन कैसे निकालनी है और पाइप का रुख किस तरफ रखना है। कई जवानों ने खुद इन यंत्रों का इस्तेमाल कर अभ्यास किया। इस दौरान आग लगने पर घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेने और सुरक्षित रहने की सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। जान-माल की सुरक्षा है प्राथमिकता पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दफ्तरों में भारी मात्रा में रिकॉर्ड और फाइलें होती हैं, जिनमें आग लगने का खतरा बना रहता है। ऐसी ट्रेनिंग से पुलिसकर्मी न केवल दफ्तर बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में जिले के अन्य थानों में भी इस तरह के ट्रेनिंग कैंप लगाए जाएंगे ताकि हर पुलिसकर्मी आपदा के समय ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभा सके।


