मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन अब यात्रियों के लिए असुरक्षित होती जा रही है। बांद्रा रेलवे स्टेशन पर हुई एक दिल दहला देने वाली घटना में एक बेगुनाह यात्री को अपनी एक आंख गंवानी पड़ी। दो लोगों के बीच हुए मामूली विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि उसका खामियाजा एक ऐसे व्यक्ति को भुगतना पड़ा, जिसका उस झगड़े से कोई लेना-देना ही नहीं था।
दो का झगड़ा, तीसरे को सजा
मिली जानकारी के अनुसार, बांद्रा स्टेशन पर दो यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि उनमें से एक शख्स नीचे ट्रैक पर उतरा और उसने चलती ट्रेन की ओर पत्थर दे मारा। दुर्भाग्य से, वह पत्थर ट्रेन के दरवाजे पर खड़े निशांत खत्री नामक यात्री की आंख में जाकर लगा। निशांत पेशे से अकाउंटेंट बताये जा रहे हैं।
एक आंख की रोशनी गंवानी पड़ी
पत्थर लगने के बाद निशांत को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि चोट बेहद गंभीर है। निशांत की वह आंख अब कभी काम नहीं कर पाएगी। महज एक पल के गुस्से ने एक निर्दोष व्यक्ति की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी है।
रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी यात्री की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि सख्त धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उसे पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
महीने भर में दूसरी बड़ी घटना
लोकल ट्रेन में बढ़ती हिंसा की यह महीने भर में दूसरी बड़ी घटना है। कुछ ही दिनों पहले मालाड रेलवे स्टेशन पर मामूली विवाद में यात्री ओमकार शिंदे (27) ने 32 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की जान ले ली थी। अब बांद्रा की इस घटना ने यात्रियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। लाखों लोग रोजाना लोकल से सफर करते हैं, ऐसे में छोटी बातों पर हिंसक होना समाज और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।


