दैनिक भास्कर वार्ड टॉक-पार्षद निरंजन सिंह चौहान से सीधी बात:कहा- कुछ घंटों में रहवासियों की शिकायतें दूर की, लोग नशे से दूर रहें, जागरूकता अभियान चलाया

दैनिक भास्कर वार्ड टॉक-पार्षद निरंजन सिंह चौहान से सीधी बात:कहा- कुछ घंटों में रहवासियों की शिकायतें दूर की, लोग नशे से दूर रहें, जागरूकता अभियान चलाया

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है, और जनता उसे कैसे देखती है। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर लेकर आया है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 5, जहां से पार्षद हैं निरंजन सिंह चौहान गुड्‌डू। क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है। आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब… सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
जवाब: पहले मेरी पत्नी आधे वार्ड से पार्षद रह चुकी थी। आधा वार्ड अब नया मिला है। जो पुराना आधा वार्ड था। उस समय उन्होंने नारा दिया था हर घर नल-हर घल जल और हर घर कमल। पानी की टंकी बनवाई थी, इसके चलते हमारे वार्ड में पानी की कोई समस्या नहीं है। अभी जो बड़े मोहल्ले मिले, जिसमें गंगा नगर, रामानंद नगर, दामोदर नगर और चंदन नगर ई, एफ सेक्टर इसमें पानी की समस्या थी। जिसे दूर किया। आज कोई घर ऐसा नहीं बचा जिसके घर के सामने नर्मदा की लाइन ना हो। पानी भराने की समस्या को दूर करने के लिए बड़ी तीन से चार स्टॉम वॉटर लाइन डाली। अब पानी नहीं भराता है। ज्यादा तेज पानी आने पर नाले के किनारे गलियों में पानी भरता है। ड्रेनेज की समस्या को भी दूर किया। राज नगर और रामानंद नगर में ड्रेनेज लाइन का काम चल रहा है। सवाल: आपके वार्ड का काम कौन सा अधूरा है और क्यों?
जवाब: ड्रेनेज का काम ही है जो 10 से 15 गलियों में बचा हुआ है। रोड के बड़े काम चल रहे है और कुछ पास करा रखे है। चार काम और है जो प्रस्तावित हो चुके है। नए एसओआर के कारण कुछ फाइलें रुकी हुई थी, वो हो जाएगी तो मैं समझता हूं कि मेरे कार्यकाल में पानी की समस्या शून्य, ड्रेनेज की समस्या शून्य और स्ट्रीट लाइट व रोड की समस्या भी शून्य हो जाएगी। लाडली बहना का प्रदेश में सर्वाधिक किसी को लाभ मिलता होगा तो मैं समझता हूं कि वह मेरा वार्ड है। जब शिवराज सिंह चौहान सीएम थे, तब वे हमारे वार्ड में आए थे और हमने घर-घर लाड़ली बहनों से मिलवाने का काम किया था। सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायत क्या है?
जवाब: मेरे पास दिनभर में एक या दो फोन आते है वार्ड में शिकायत के लिए। ड्रेनेज चोक होने की शिकायत आती है तो हम तुरंत ही कर्मचारियों को नंबर देकर संबंधित व्यक्ति से बात करके उनकी समस्या का निराकरण एक से दो घंटे में करा दिया जाता है। कोई 311 पर शिकायत नहीं होती। कभी कोई शिकायत 311 पर आ जाए तो बड़ी बात है। वार्ड में दो से तीन गलियां ऐसी है जहां शुरू में तीन-चार बाल्टी गंदा पानी आता है। ड्रेनेज ऊपर है, नर्मदा की लाइन पास से जा रही है। ये नर्मदा लाइन मेरे कार्यकाल के बहुत पहले ही डली है। सवाल: आपके वार्ड में ऐसा कौन सा ऐसा प्रयोग है, जो आपने किया और उससे कुछ बदलाव देखने को मिला?
जवाब: मेरे वार्ड में 250 से 300 छोटी-छोटी बेकलाइन है। उन सभी में ड्रेनेज लाइन डालकर उसे पक्का कर दिया है। पक्का करने के बाद उनके दोनों तरफ गेट लगाकर ताले लगा दिए है। इसका फायदा ये हुआ कि राह चलता व्यक्ति वहां कचरा नहीं फेंकता है। बस्ती की बेकलाइनों में बैठकर कुछ लोग नशा करते थे उस पर भी रोक लगी। नशा करने वालों पर कार्रवाई भी करवाई और कई लोगों से बात कर नशा भी छुड़वा रहे है। गेट के हिसाब से उसके ऊपर स्वच्छता के स्लोगन लिखा दिए है। ये एक अभिनव प्रयोग है। बेकलाइन इतनी साफ है कि यहां महापौर को पोहा भी खिला चुके है। बस्ती में जाकर बच्चों और परिवार से बात कर नशा के दुष्परिणाम बताकर नशा नहीं करने के लिए जागरूक करते है। मोबाइल की अच्छाई और बुराई दोनों परिवार को बताते है।

सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया है?
जवाब: मेरे वार्ड में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां काम नहीं हो पाया है। वार्ड में सभी काम हम करते है। ऑफिस पर रोजाना सुबह 10 बजे से 2 बजे तक बैठते है और लोगों से बात तक करते है। किसी की कोई समस्या रहती है तो उसे भी दूर करते है। सवाल: आपके वार्ड में पानी की शिकायतें आई है क्या ?
जवाब: पानी की समस्या हमारे वार्ड में शून्य है। हमने हर घर के बाहर नर्मदा की लाइन डाली है। इसलिए पानी की समस्या नहीं है। हर खंभे पर स्ट्रीट लाइट लगी है। ड्रेनेज लाइन का काम फिलहाल चल रहा है। सवाल: अगले छह माह का आपका रोडमैप क्या है?
जवाब: मेरे वार्ड में जो काम अभी अधूरे हैं, उन्हें पूरा कराना ही इस समय हमारी प्राथमिकता है और उसी दिशा में तैयारी की जा रही है। यही मेरा मुख्य लक्ष्य है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद हम ऐसी स्थिति में होंगे कि सीधे जनता से संवाद कर सकें और उनसे कह सकें कि यदि कोई काम बाकी है तो हमें बताएं। जनता से जुड़े कार्य हों या नगर निगम से संबंधित जिम्मेदारियां, सभी को पूरा करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *