क्या वोट खरीदकर नीतीश कुमार बने 10वीं बार मुख्यमंत्री:प्रशांत किशोर की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका, क्या रद्द होगा बिहार विधानसभा चुनाव

क्या वोट खरीदकर नीतीश कुमार बने 10वीं बार मुख्यमंत्री:प्रशांत किशोर की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका, क्या रद्द होगा बिहार विधानसभा चुनाव

चुनाव के नतीजे के 83 दिन बाद प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की है। पार्टी ने महिलाओं को 10 हजार रुपए देकर चुनाव जीतने का आरोप लगाया है। साथ ही चुनाव आयोग के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। क्या बिहार विधानसभा चुनाव रद्द होगा। चुनाव के दौरान पैसा बांटने का आरोप क्या सही है। क्या बिहार पहला राज्य है, जहां चुनाव से पहले वोटरों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए। इन सवालों के जवाब जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः जनसुराज पार्टी ने क्या तर्क देकर बिहार विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग की? जवाबः 5 फरवरी को प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने ऑर्टिकल-32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की है। पार्टी का आरोप है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद महिला वोटरों के खाते में 10,000 रुपए ट्रांसफर किए गए। जनसुराज पार्टी की याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ आज सुनवाई कर सकती है। जनसुराज पार्टी की डिमांड… सवाल-2ः मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना क्या है? चुनाव के दौरान पैसा बांटने का आरोप क्या सही है? जवाबः 29 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘महिला रोजगार योजना’ का ऐलान किया था। इसमें 18 से 60 साल की बिहार की महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए पहली बार 10,000 रुपए देना था। उसके बाद दो लाख रुपए देने का प्रावधान था। सवाल-3ः क्या बिहार पहला राज्य है, जहां चुनाव से पहले वोटरों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए? जवाबः नहीं। पड़ोसी राज्य झारखंड में 2024 में ऐसा हो चुका है, जब चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान महिलाओं के खाते में पैसा भेजने पर रोक नहीं लगाई थी। सवाल-4ः सुप्रीम कोर्ट क्या बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द कर सकता है? जवाबः बहुत मुश्किल है। अगर चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी (जैसे भ्रष्ट आचरण, आचार संहिता उल्लंघन या संवैधानिक अधिकारों का हनन) साबित हो जाए तो सुप्रीम कोर्ट चुनाव को अमान्य और शून्य (null and void) घोषित कर सकता है। लेकिन यह इतना आसान नहीं है। अब तक किसी राज्य का पूरा विधानसभा चुनाव रद्द नहीं हुआ है। पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट सर्वदेव सिंह कहते हैं, ‘चुनावी प्रक्रिया में कोर्ट का हस्तक्षेप ऑर्टिकल-329(बी) के तहत बहुत सीमित है। पूरे राज्य के चुनाव को रद्द करने के लिए यह साबित करना होगा कि यह कैश ट्रांसफर महिला वोटर्स को सीधे प्रभावित करने वाला था और बिना इसके नतीजे अलग होते।’ वह कहते हैं, ‘एक बात का और ध्यान रखना चाहिए, जन सुराज को सिर्फ 3.4% वोट मिले हैं। जीरो सीटें मिली हैं। ऐसे में कोर्ट यह भी देख सकता है कि याचिका हार के बाद लगाई गई है।’ आगे क्या हो सकता है… सवाल-5ः बिहार विधानसभा चुनाव का रिजल्ट क्या रहा था? जवाबः 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग दो फेज में 6 और 11 नवंबर को हुई थी। नतीजे 14 नवंबर को आए। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 243 में से 202 सीटों पर जीत हुई थी। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिली थीं। इसमें RJD को 25, कांग्रेस को 6, लेफ्ट को 4 और IPP को एक सीट मिली। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज 238 सीटों पर चुनाव लड़कर खाता तक नहीं खोल पाई थी। पार्टी को 3.4% वोट मिला था। 236 कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई थी। 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चुनाव के नतीजे के 83 दिन बाद प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की है। पार्टी ने महिलाओं को 10 हजार रुपए देकर चुनाव जीतने का आरोप लगाया है। साथ ही चुनाव आयोग के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। क्या बिहार विधानसभा चुनाव रद्द होगा। चुनाव के दौरान पैसा बांटने का आरोप क्या सही है। क्या बिहार पहला राज्य है, जहां चुनाव से पहले वोटरों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए। इन सवालों के जवाब जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। सवाल-1ः जनसुराज पार्टी ने क्या तर्क देकर बिहार विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग की? जवाबः 5 फरवरी को प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने ऑर्टिकल-32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की है। पार्टी का आरोप है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद महिला वोटरों के खाते में 10,000 रुपए ट्रांसफर किए गए। जनसुराज पार्टी की याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ आज सुनवाई कर सकती है। जनसुराज पार्टी की डिमांड… सवाल-2ः मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना क्या है? चुनाव के दौरान पैसा बांटने का आरोप क्या सही है? जवाबः 29 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘महिला रोजगार योजना’ का ऐलान किया था। इसमें 18 से 60 साल की बिहार की महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए पहली बार 10,000 रुपए देना था। उसके बाद दो लाख रुपए देने का प्रावधान था। सवाल-3ः क्या बिहार पहला राज्य है, जहां चुनाव से पहले वोटरों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए? जवाबः नहीं। पड़ोसी राज्य झारखंड में 2024 में ऐसा हो चुका है, जब चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान महिलाओं के खाते में पैसा भेजने पर रोक नहीं लगाई थी। सवाल-4ः सुप्रीम कोर्ट क्या बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द कर सकता है? जवाबः बहुत मुश्किल है। अगर चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी (जैसे भ्रष्ट आचरण, आचार संहिता उल्लंघन या संवैधानिक अधिकारों का हनन) साबित हो जाए तो सुप्रीम कोर्ट चुनाव को अमान्य और शून्य (null and void) घोषित कर सकता है। लेकिन यह इतना आसान नहीं है। अब तक किसी राज्य का पूरा विधानसभा चुनाव रद्द नहीं हुआ है। पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट सर्वदेव सिंह कहते हैं, ‘चुनावी प्रक्रिया में कोर्ट का हस्तक्षेप ऑर्टिकल-329(बी) के तहत बहुत सीमित है। पूरे राज्य के चुनाव को रद्द करने के लिए यह साबित करना होगा कि यह कैश ट्रांसफर महिला वोटर्स को सीधे प्रभावित करने वाला था और बिना इसके नतीजे अलग होते।’ वह कहते हैं, ‘एक बात का और ध्यान रखना चाहिए, जन सुराज को सिर्फ 3.4% वोट मिले हैं। जीरो सीटें मिली हैं। ऐसे में कोर्ट यह भी देख सकता है कि याचिका हार के बाद लगाई गई है।’ आगे क्या हो सकता है… सवाल-5ः बिहार विधानसभा चुनाव का रिजल्ट क्या रहा था? जवाबः 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग दो फेज में 6 और 11 नवंबर को हुई थी। नतीजे 14 नवंबर को आए। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 243 में से 202 सीटों पर जीत हुई थी। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिली थीं। इसमें RJD को 25, कांग्रेस को 6, लेफ्ट को 4 और IPP को एक सीट मिली। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज 238 सीटों पर चुनाव लड़कर खाता तक नहीं खोल पाई थी। पार्टी को 3.4% वोट मिला था। 236 कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई थी। 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।  

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