भास्कर न्यूज | ब्रह्मपुर जीबीओ प्लस 2 उच्च विद्यालय बंशवर में सीएसआईआर फ्लोरीकल्चर मिशन के अंतर्गत नव निर्मित उद्यान का उद्घाटन विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक जगदीश चंद्र ओझा ने किया। यह उद्यान सीएसआईआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विक्रमा सिंह एवं राम निहोर पटेल की देखरेख में विकसित किया गया है। उद्यान निर्माण का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के बीच पौधरोपण और पौध संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा उन्हें प्रकृति के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ना है। ताकि, पर्यावरण संरक्षण की भावना उनके जीवन का अभिन्न अंग बन सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, दक्षिण बिहार के जनसंवाद प्रमुख शैलेश कुमार ओझा ने वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की महती आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में पौधों का संरक्षण मानव जीवन के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। पेड़-पौधे केवल धरती का शृंगार ही नहीं, बल्कि हमारी आवश्यकता और सामूहिक जिम्मेदारी भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को जीवन शैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। ये लोग रहे मौजूद ग्राम पंचायत के सरपंच काशी यादव, विद्यालय के शिक्षक अखिलेश कुमार चौथे, जितेंद्र कुमार, पंकज कुमार उपाध्याय, पंकज कुमार, गीता कुमारी, उत्कर्ष संतोष कुमार, सपना गुप्ता, अमृता कुमारी, रीचा सिंह, अभिषेक सिंह, हेमंत शुक्ला, राजू कुमार सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक है उद्यान उद्घाटनकर्ता जगदीश चंद्र ओझा ने विद्यालय के ऐतिहासिक विकास क्रम को स्मरण करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे उद्यान न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विक्रमा सिंह ने सीएसआईआर फ्लोरीकल्चर मिशन की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके उद्देश्य, उपयोगिता एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में औषधीय उद्यान विकसित करने हेतु अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री प्रत्युष चंद्र ओझा एवं शिक्षाविद् श्री चतुर्भुज प्रसाद ने भी अपने विचार रखते हुए प्रकृति संरक्षण को समाज का सामूहिक दायित्व बताया। भास्कर न्यूज | ब्रह्मपुर जीबीओ प्लस 2 उच्च विद्यालय बंशवर में सीएसआईआर फ्लोरीकल्चर मिशन के अंतर्गत नव निर्मित उद्यान का उद्घाटन विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक जगदीश चंद्र ओझा ने किया। यह उद्यान सीएसआईआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विक्रमा सिंह एवं राम निहोर पटेल की देखरेख में विकसित किया गया है। उद्यान निर्माण का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के बीच पौधरोपण और पौध संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा उन्हें प्रकृति के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ना है। ताकि, पर्यावरण संरक्षण की भावना उनके जीवन का अभिन्न अंग बन सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, दक्षिण बिहार के जनसंवाद प्रमुख शैलेश कुमार ओझा ने वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की महती आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में पौधों का संरक्षण मानव जीवन के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। पेड़-पौधे केवल धरती का शृंगार ही नहीं, बल्कि हमारी आवश्यकता और सामूहिक जिम्मेदारी भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को जीवन शैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। ये लोग रहे मौजूद ग्राम पंचायत के सरपंच काशी यादव, विद्यालय के शिक्षक अखिलेश कुमार चौथे, जितेंद्र कुमार, पंकज कुमार उपाध्याय, पंकज कुमार, गीता कुमारी, उत्कर्ष संतोष कुमार, सपना गुप्ता, अमृता कुमारी, रीचा सिंह, अभिषेक सिंह, हेमंत शुक्ला, राजू कुमार सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक है उद्यान उद्घाटनकर्ता जगदीश चंद्र ओझा ने विद्यालय के ऐतिहासिक विकास क्रम को स्मरण करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे उद्यान न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विक्रमा सिंह ने सीएसआईआर फ्लोरीकल्चर मिशन की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके उद्देश्य, उपयोगिता एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर में औषधीय उद्यान विकसित करने हेतु अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री प्रत्युष चंद्र ओझा एवं शिक्षाविद् श्री चतुर्भुज प्रसाद ने भी अपने विचार रखते हुए प्रकृति संरक्षण को समाज का सामूहिक दायित्व बताया।


