नेपाल में दर्दनाक हादसा: 200 मीटर खाई में गिरी बारातियों की बस, 8 की मौत 45 घायल

नेपाल में दर्दनाक हादसा: 200 मीटर खाई में गिरी बारातियों की बस, 8 की मौत 45 घायल

Nepal Bus Accident News: नेपाल के बैतड़ी जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है, यहां दुल्हन के घर से लौट रही बारातियों से भरी बस गुरुवार रात करीब 8 बजे पुरचौड़ी नगरपालिका क्षेत्र में 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 45 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में ज्यादातर युवा और मध्यम आयु के लोग शामिल हैं, जो खुशी के मौके से वापस लौट रहे थे।

चालक ने नियंत्रण खोया

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों की संकरी और खतरनाक सड़कों पर चलते हुए बस बडगांव मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो बैठा और देखते ही देखते वाहन 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

डीएसपी दीपक कुमार राय ने बताया कि दुल्हन और दूल्हा सुरक्षित रहे क्योंकि वे दूसरी गाड़ी में यात्रा कर रहे थे। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। वहीं जिलाधिकारी कृष्णा थापा ने बताया कि दुर्घटना के समय बस में लगभग 60 लोग सवार थे। उन्होंने कहा कि नेपाल सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

नेपाल में हादसों में वृद्धि

पिछले कुछ सालों में नेपाल की सड़कों पर गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ी है और सड़कें भी ज्यादा जगहों तक पहुंचने लगी हैं। लेकिन इसके साथ ही सड़क हादसों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, करीब 10 साल पहले नेपाल में 4,999 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं। जबकि वित्तीय वर्ष 2024–25 में यह संख्या बढ़कर 7,669 हो गई और इन हादसों में 190 लोगों की मौत हुई। इनमें से 278 दुर्घटनाएं बहुत गंभीर थीं।

सड़क हादसों से सिर्फ लोगों की जान ही नहीं जाती, बल्कि आर्थिक नुकसान भी बहुत बड़ा होता है। विश्व बैंक के एक अध्ययन के मुताबिक, नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 की तुलना में तीन गुना बढ़ गया है और अब यह देश के कुल राष्ट्रीय उत्पादन (GNP) का करीब 1.5% है।

सड़क दुर्घटनाओं का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर पड़ता है। नेपाल में सड़क पर मरने वालों में 70% से ज्यादा पैदल चलने वाले, साइकिल सवार और बाइक सवार होते हैं। हादसे होने पर इलाज का खर्च और कमाई बंद हो जाना कई परिवारों को गहरी गरीबी में धकेल देता है।

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