शासन के निर्देश के बाद जिला मुख्यालय स्तर पर निराश्रित कुत्तों के लिए एबीसी सेंटर व शेल्टर होम बनाने की तैयारी है। इसके लिए लगभग 3.81 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। शासन की ओर से जिलाधिकारी एवं नगर निगमों को यह निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। इसके जरिए निराश्रित कुत्तों के उचित संरक्षण और देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर है। इस पहल से प्रदेश में निराश्रित कुत्तों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। मिलेंगी ये सुविधाएं नगर निगमों में शेल्टर होम की क्षमता लगभग 1000 कुत्तों की होगी। प्रत्येक शेल्टर होम के लिए लगभग 3.81 एकड़ भूमि आरक्षित की जाएगी। यहां 4 करोड़ 70 लाख 42 हजार रुपये से निर्माण किया जाएगा। मुख्य भवन ओपीडी एवं डार्मेटरी, 20 नग एकल केनेल, 16 नग कम्युनिटी केनेल, किचन मय स्टोर, क्रीमेशन के लिए इंसीनेटर एवं साइड डेवलपमेंट होंगे। इसी प्रकार जिला मुख्यालयों और अन्य निकायों में एबीसी सेंटर एवं शेल्टर होम स्थापित करने के लिए भी समान भूमि आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। यहां श्वान प्रजनन नियंत्रण एवं पालन केंद्र, दोनों बनाया जाएगा। प्रजनन नियंत्रण की क्षमता प्रति श्वान 25 प्रतिदिन की होगी। निर्माण पर 5 करोड़ 31 लाख 91 हजार रुपये खर्च होंगे। मुख्य भवन में ओटी, प्रीपरेशन कम आटोक्लेब कक्ष, मेडिकल स्टोर, रिकार्ड रुम, ओपीडी रजिस्ट्रेशन, कामर्शियल स्पेस, डार्मेटरी, सिंगल एकल केनेल 20, कम्युनिटी केनेल 16, किचन मय स्टोर, क्रीमेशन के लिए इंसीनेटर व साइड डेवलपमेंट वर्क्स होंगे।


