लॉरेंस केस की सुनवाई के दौरान कबड्डी खिलाड़ी बलाचौरिया इश्यू समेत मोहाली में हुई घटनाओं को लेकर पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट ने मोहाली के एसएसपी को लेकर तीखे सवाल डीजीपी गौरव यादव से किए हैं। कोर्ट ने कहा कि पिछली सुनवाई पर एसएसपी दफ्तर के बाहर मर्डर हुआ था।
पिछले साल चौकीदार की हत्या हुई थी। उस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज हुई थी। हाईकोर्ट ने डीजीपी से सवाल किया क्या यह वही अधिकारी है, जो पीएम सुरक्षा में हुई चूक मामले में जांच का सामना कर रहा है। डीजीपी ने जवाब दिया कि हां, वही अधिकारी है। कोर्ट ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि आपने ऐसे अधिकारी को वहां पर क्यों तैनात को किया है। कोर्ट का कहना था कि क्या ऐसे अधिकारी को इस तरह के अहम और सेंसिटिव स्थान पर लगाया जा सकता है। कोर्ट के बाद पुलिस ने किया एक्शन जानकारी के मुताबिक आज हाईकोर्ट में जैसे सुनवाई हुई, तो कोर्ट ने कहा कि कुछ घटनाएं मोहाली की हमारे सामने हैं। भले ही पिछले साल मोहाली जिला अदालत में एक पुलिस मुलाजिम द्वारा कोर्ट कर्मचारी से मारपीट की गई थी। उस मामले में मोहाली अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई। उसके बाद राणा बलाचौरिया मर्डर हुआ। वहीं, कुछ दिन पहले मोहाली एसएसपी दफ्तर के बाहर गोलियां चलीं। अदालत ने पूछा कि मोहाली एक सेंसिटिव एरिया है और एक अहम शहर है। इस दौरान डीजीपी पंजाब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मामले की सुनवाई में मौजूद थे। कितने मुलाजिम वीआईपी सिक्योरिटी में फिर कोर्ट ने सवाल किया कि क्या वही पुलिस अधिकारी है, जो पीएम सुरक्षा में हुई चूक मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। डीजीपी ने इसका जवाब हां में दिया। कोर्ट ने पूछा कि फिर इतनी सेंसिटिव पोस्ट पर उन्हें तैनात क्यों किया गया। इसका जवाब भी देना होगा। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि कितने पुलिस मुलाजिम वीआईपी सिक्योरिटी में हैं और कितने मुलाजिम नॉर्मल सिक्योरिटी में तैनात हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार को होगी। इसमें सभी जवाब देने होंगे। इस संबंधी अदालत में एफिडेबिट फाइल करना होगा।


