विश्व कैंसर सप्ताह पर जिले में जागरूकता रैली:4-10 फरवरी तक कार्यक्रम, तंबाकू छोड़ने की अपील, एनसीडी क्लीनिक में कैंसर स्क्रीनिंग शुरू

विश्व कैंसर सप्ताह पर जिले में जागरूकता रैली:4-10 फरवरी तक कार्यक्रम, तंबाकू छोड़ने की अपील, एनसीडी क्लीनिक में कैंसर स्क्रीनिंग शुरू

विश्व कैंसर सप्ताह के अवसर पर जिले में 4 फरवरी से 10 फरवरी तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जिला गैर संचारी रोग (एनसीडी) विभाग की ओर से सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का उद्देश्य आम लोगों को कैंसर के प्रति सतर्क करना और तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना रहा। रैली में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों और अधिकारियों ने “कैंसर से लड़ना है, तंबाकू छोड़ना है” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि कैंसर आज भी एक गंभीर चुनौती है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से इससे बचाव और नियंत्रण संभव है। उन्होंने कहा कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं। लंबे जीवन के लिए तंबाकू से दूरी जरूरी
डॉ. प्रसाद ने जिलेवासियों से तंबाकू सेवन से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि तंबाकू कैंसर का प्रमुख कारण है। धूम्रपान, गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पाद न केवल कैंसर बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों को भी जन्म देते हैं। तंबाकू से दूरी बनाकर ही स्वस्थ और लंबा जीवन जिया जा सकता है। हर वर्ष कैंसर के लिए एक नई थीम तय की जाती है
जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. ओपी लाल ने बताया कि विश्व कैंसर सप्ताह के दौरान 4 से 10 फरवरी तक सदर अस्पताल स्थित एनसीडी क्लीनिक में कैंसर मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ द्वारा हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस के लिए एक नई थीम तय की जाती है। इस वर्ष की थीम ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ रखी गई है। कैंसर से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति की यात्रा अलग
डॉ. लाल ने बताया कि ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ थीम का अर्थ है कि कैंसर से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति की यात्रा अलग होती है। हर मरीज की जरूरतें, अनुभव और चुनौतियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए इलाज के दौरान केवल बीमारी ही नहीं, बल्कि मरीज की व्यक्तिगत परिस्थितियों और भावनाओं को भी महत्व देना जरूरी है। इस जागरूकता कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, प्रभारी एसीएमओ सहित कई अन्य पदाधिकारी, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, तंबाकू से दूरी बनाएं और कैंसर के प्रति जागरूक रहकर दूसरों को भी जागरूक करें। विश्व कैंसर सप्ताह के अवसर पर जिले में 4 फरवरी से 10 फरवरी तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जिला गैर संचारी रोग (एनसीडी) विभाग की ओर से सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का उद्देश्य आम लोगों को कैंसर के प्रति सतर्क करना और तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना रहा। रैली में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों और अधिकारियों ने “कैंसर से लड़ना है, तंबाकू छोड़ना है” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि कैंसर आज भी एक गंभीर चुनौती है, लेकिन समय पर पहचान और सही इलाज से इससे बचाव और नियंत्रण संभव है। उन्होंने कहा कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं। लंबे जीवन के लिए तंबाकू से दूरी जरूरी
डॉ. प्रसाद ने जिलेवासियों से तंबाकू सेवन से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि तंबाकू कैंसर का प्रमुख कारण है। धूम्रपान, गुटखा, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पाद न केवल कैंसर बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों को भी जन्म देते हैं। तंबाकू से दूरी बनाकर ही स्वस्थ और लंबा जीवन जिया जा सकता है। हर वर्ष कैंसर के लिए एक नई थीम तय की जाती है
जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. ओपी लाल ने बताया कि विश्व कैंसर सप्ताह के दौरान 4 से 10 फरवरी तक सदर अस्पताल स्थित एनसीडी क्लीनिक में कैंसर मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ द्वारा हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस के लिए एक नई थीम तय की जाती है। इस वर्ष की थीम ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ रखी गई है। कैंसर से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति की यात्रा अलग
डॉ. लाल ने बताया कि ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ थीम का अर्थ है कि कैंसर से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति की यात्रा अलग होती है। हर मरीज की जरूरतें, अनुभव और चुनौतियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए इलाज के दौरान केवल बीमारी ही नहीं, बल्कि मरीज की व्यक्तिगत परिस्थितियों और भावनाओं को भी महत्व देना जरूरी है। इस जागरूकता कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, प्रभारी एसीएमओ सहित कई अन्य पदाधिकारी, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, तंबाकू से दूरी बनाएं और कैंसर के प्रति जागरूक रहकर दूसरों को भी जागरूक करें।  

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