बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोपगुट) के आह्वान पर गुरुवार को पूर्णिया के थाना चौक पर राजस्व कर्मचारियों ने अपनी लंबित 17 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 11 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक धरना शुरू किया जाएगा। जिला कर्मचारी संघ के सचिव ने बताया कि सरकार ने राजस्व कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन उनका क्रियान्वयन अब तक नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। संघ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की दमनकारी नीति और राजस्व विभाग द्वारा अपने ही निर्णयों को लागू न करने के कारण कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं। राजस्व कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे को 1900 से बढ़ाकर 2800 (लेवल-5) करना, स्नातक योग्यता वाले कर्मचारियों को 4200 ग्रेड पे देना, नवनियुक्त कर्मचारियों को गृह जिले में पदस्थापन, 10 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पदोन्नति, और एसीपी/एमएसीपी का लाभ समय पर प्रदान करना शामिल है। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में हुए समझौते को भी अभी तक लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य करवाने का आरोप संघ ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि उन्हें पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते। कार्यालय, फर्नीचर, इंटरनेट और प्रिंटर जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। काम पूरी तरह ऑनलाइन होने के बावजूद इन सुविधाओं की कमी से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। 9 फरवरी को पटना में एक दिवसीय प्रदर्शन करेंगे आंदोलन की रूपरेखा के तहत, 03 फरवरी 2026 को पूरे बिहार में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। इसके बाद 05 फरवरी 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर एकदिवसीय धरना दिया गया। अगला चरण 09 फरवरी 2026 को गर्दनीबाग, पटना में एकदिवसीय धरना होगा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन चरणों के बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 11 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक धरना शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की होगी। धरना प्रदर्शन में पूर्णिया जिले के सभी अंचलों से पहुंचे राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे और हाथों में तख्तियां लिए अपनी मांगों को लेकर नारे लगा रहे थे। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोपगुट) के आह्वान पर गुरुवार को पूर्णिया के थाना चौक पर राजस्व कर्मचारियों ने अपनी लंबित 17 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 11 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक धरना शुरू किया जाएगा। जिला कर्मचारी संघ के सचिव ने बताया कि सरकार ने राजस्व कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन उनका क्रियान्वयन अब तक नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। संघ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की दमनकारी नीति और राजस्व विभाग द्वारा अपने ही निर्णयों को लागू न करने के कारण कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं। राजस्व कर्मचारियों की प्रमुख मांगें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे को 1900 से बढ़ाकर 2800 (लेवल-5) करना, स्नातक योग्यता वाले कर्मचारियों को 4200 ग्रेड पे देना, नवनियुक्त कर्मचारियों को गृह जिले में पदस्थापन, 10 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पदोन्नति, और एसीपी/एमएसीपी का लाभ समय पर प्रदान करना शामिल है। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में हुए समझौते को भी अभी तक लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य करवाने का आरोप संघ ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि उन्हें पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते। कार्यालय, फर्नीचर, इंटरनेट और प्रिंटर जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। काम पूरी तरह ऑनलाइन होने के बावजूद इन सुविधाओं की कमी से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। 9 फरवरी को पटना में एक दिवसीय प्रदर्शन करेंगे आंदोलन की रूपरेखा के तहत, 03 फरवरी 2026 को पूरे बिहार में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। इसके बाद 05 फरवरी 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर एकदिवसीय धरना दिया गया। अगला चरण 09 फरवरी 2026 को गर्दनीबाग, पटना में एकदिवसीय धरना होगा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन चरणों के बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 11 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक धरना शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की होगी। धरना प्रदर्शन में पूर्णिया जिले के सभी अंचलों से पहुंचे राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे और हाथों में तख्तियां लिए अपनी मांगों को लेकर नारे लगा रहे थे।


