मुजफ्फरपुर पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसके तहत SSP के निर्देश पर कांटी थाना पुलिस ने दो अलग-अलग छापेमारी में चार बदमाशों को अवैध हथियारों और जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों से हाल ही में हुई रोड रॉबरी की दो घटनाओं को सुलझाया है। पहली कार्रवाई 4 फरवरी 2026 की शाम को हुई घटना में हुई। कांटी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नेता चौक के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास कुछ संदिग्ध अपराधी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। रॉबरी की घटना में संलिप्तता स्वीकार की पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सोनू उर्फ अरमान अली और कुणाल कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार बरामद हुए। इस संबंध में कांड संख्या-72/26 दर्ज किया गया है। पूछताछ में दोनों अपराधियों ने कांटी क्षेत्र में पहले हुई रोड रॉबरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। दूसरी कार्रवाई 5 फरवरी 2026 की अल सुबह लगभग 2:35 बजे लालू-राबड़ी मोड़ पर हुई। पुलिस टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी, तभी दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से भी हथियार और कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मिथुन कुमार और रौशन कुमार के रूप में हुई है। इनके खिलाफ कांड संख्या-73/26 दर्ज किया गया है। पूछताछ में इन दोनों ने भी कांटी क्षेत्र में सक्रिय रोड रॉबरी गिरोह का हिस्सा होने और हालिया लूटपाट की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने इन दोनों छापेमारी के दौरान बदमाश के पास से कुल 1 देसी पिस्टल, 1 देसी कट्टा और 4 कारतूस बरामद किए हैं। मुजफ्फरपुर के ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ये गिरफ्तारियां पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि हैं, क्योंकि ये बदमाश क्षेत्र में लगातार लूट की घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैला रहे थे। अपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस ग्रामीण एसपी ने बताया कि गिरफ्तार चारों बदमाशों का पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि ये संगठित तरीके से रोड रॉबरी को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और इन्होंने अब तक कुल कितनी लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। मुजफ्फरपुर पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसके तहत SSP के निर्देश पर कांटी थाना पुलिस ने दो अलग-अलग छापेमारी में चार बदमाशों को अवैध हथियारों और जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों से हाल ही में हुई रोड रॉबरी की दो घटनाओं को सुलझाया है। पहली कार्रवाई 4 फरवरी 2026 की शाम को हुई घटना में हुई। कांटी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नेता चौक के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास कुछ संदिग्ध अपराधी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। रॉबरी की घटना में संलिप्तता स्वीकार की पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सोनू उर्फ अरमान अली और कुणाल कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार बरामद हुए। इस संबंध में कांड संख्या-72/26 दर्ज किया गया है। पूछताछ में दोनों अपराधियों ने कांटी क्षेत्र में पहले हुई रोड रॉबरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। दूसरी कार्रवाई 5 फरवरी 2026 की अल सुबह लगभग 2:35 बजे लालू-राबड़ी मोड़ पर हुई। पुलिस टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी, तभी दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से भी हथियार और कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मिथुन कुमार और रौशन कुमार के रूप में हुई है। इनके खिलाफ कांड संख्या-73/26 दर्ज किया गया है। पूछताछ में इन दोनों ने भी कांटी क्षेत्र में सक्रिय रोड रॉबरी गिरोह का हिस्सा होने और हालिया लूटपाट की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने इन दोनों छापेमारी के दौरान बदमाश के पास से कुल 1 देसी पिस्टल, 1 देसी कट्टा और 4 कारतूस बरामद किए हैं। मुजफ्फरपुर के ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ये गिरफ्तारियां पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि हैं, क्योंकि ये बदमाश क्षेत्र में लगातार लूट की घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैला रहे थे। अपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस ग्रामीण एसपी ने बताया कि गिरफ्तार चारों बदमाशों का पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि ये संगठित तरीके से रोड रॉबरी को अंजाम देते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और इन्होंने अब तक कुल कितनी लूट की वारदातों को अंजाम दिया है।


