गोपालगंज के अंबेडकर चौक पर बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राजस्व कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। एक-एक कर्मचारी 5-5 हल्का का कार्यभार संभालता
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, पदोन्नति, सेवा शर्तों में सुधार, संसाधनों की उपलब्धता और सुरक्षा शामिल हैं। उनकी सबसे अहम मांग 2800 ग्रेड पे लागू करना है। कर्मचारियों का तर्क है कि काम के बोझ और तकनीकी जिम्मेदारियों के अनुपात में वर्तमान वेतन बहुत कम है। राजस्व कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें अल्प वेतन मिलता है और ग्रेड पे, निकटतम जिला पदस्थापना, पदोन्नति, कार्यप्रणाली (मैकेनिज्म) और उपकरणों (टूल्स) जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्हें कोई भत्ता भी नहीं मिलता, जबकि सभी काम राजस्व कर्मचारियों को ही दिए जाते हैं। कर्मचारियों के अनुसार, वे प्रतिदिन 16 से 17 घंटे काम करते हैं और एक-एक कर्मचारी 5-5 हल्का का कार्यभार संभालता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। गोपालगंज के अंबेडकर चौक पर बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राजस्व कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार से अपनी लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। एक-एक कर्मचारी 5-5 हल्का का कार्यभार संभालता
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, पदोन्नति, सेवा शर्तों में सुधार, संसाधनों की उपलब्धता और सुरक्षा शामिल हैं। उनकी सबसे अहम मांग 2800 ग्रेड पे लागू करना है। कर्मचारियों का तर्क है कि काम के बोझ और तकनीकी जिम्मेदारियों के अनुपात में वर्तमान वेतन बहुत कम है। राजस्व कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें अल्प वेतन मिलता है और ग्रेड पे, निकटतम जिला पदस्थापना, पदोन्नति, कार्यप्रणाली (मैकेनिज्म) और उपकरणों (टूल्स) जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्हें कोई भत्ता भी नहीं मिलता, जबकि सभी काम राजस्व कर्मचारियों को ही दिए जाते हैं। कर्मचारियों के अनुसार, वे प्रतिदिन 16 से 17 घंटे काम करते हैं और एक-एक कर्मचारी 5-5 हल्का का कार्यभार संभालता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


