पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में गुरुवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने दलालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। करीब दो घंटे तक चले सघन छापेमारी अभियान के दौरान दो दलालों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई एक महिला मरीज से खून जांच के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत के बाद की गई। अनुमंडलाधिकारी (SDO) सत्यम सहाय और एएसपी राजकिशोर सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। गिरफ्तार किए गए दलालों की पहचान दीपक कुमार और चुन्नू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। निजी जांच केंद्रों और दवा दुकान पर बहला-फुसलाकर भेजते थे जानकारी के अनुसार, आलमगंज थाना क्षेत्र स्थित NMCH में इमरजेंसी, ओपीडी, ओटी, पैथोलॉजी, एक्स रे और अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों के आसपास दलाल लंबे समय से सक्रिय हैं। ये मरीज और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी जांच केंद्रों और दवा दुकानों पर भेजते हैं। इस पूरे नेटवर्क में कुछ सुरक्षा गार्ड और अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान एसडीओ ने एक दवा दुकान कर्मी को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई अन्य दलालों के नाम और उनके काम करने के तरीके की जानकारी दी है। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे एसडीओ सत्यम सहाय ने बताया कि अस्पताल परिसर और आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस पोस्ट प्रभारी और आलमगंज थानाध्यक्ष को दलालों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि दलालों और उन्हें संरक्षण देने वाले कर्मियों की पहचान की जा सके। इस बीच नेत्र रोग विभाग के पास एक महिला दलाल के सक्रिय होने की भी सूचना मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला दलालों की भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। NMCH की अधीक्षक डॉ. रश्मि प्रसाद ने कहा कि दलालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अस्पताल प्रशासन सख्त कदम उठाएगा। पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में गुरुवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने दलालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। करीब दो घंटे तक चले सघन छापेमारी अभियान के दौरान दो दलालों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई एक महिला मरीज से खून जांच के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत के बाद की गई। अनुमंडलाधिकारी (SDO) सत्यम सहाय और एएसपी राजकिशोर सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। गिरफ्तार किए गए दलालों की पहचान दीपक कुमार और चुन्नू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। निजी जांच केंद्रों और दवा दुकान पर बहला-फुसलाकर भेजते थे जानकारी के अनुसार, आलमगंज थाना क्षेत्र स्थित NMCH में इमरजेंसी, ओपीडी, ओटी, पैथोलॉजी, एक्स रे और अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों के आसपास दलाल लंबे समय से सक्रिय हैं। ये मरीज और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी जांच केंद्रों और दवा दुकानों पर भेजते हैं। इस पूरे नेटवर्क में कुछ सुरक्षा गार्ड और अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान एसडीओ ने एक दवा दुकान कर्मी को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई अन्य दलालों के नाम और उनके काम करने के तरीके की जानकारी दी है। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे एसडीओ सत्यम सहाय ने बताया कि अस्पताल परिसर और आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस पोस्ट प्रभारी और आलमगंज थानाध्यक्ष को दलालों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि दलालों और उन्हें संरक्षण देने वाले कर्मियों की पहचान की जा सके। इस बीच नेत्र रोग विभाग के पास एक महिला दलाल के सक्रिय होने की भी सूचना मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला दलालों की भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। NMCH की अधीक्षक डॉ. रश्मि प्रसाद ने कहा कि दलालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अस्पताल प्रशासन सख्त कदम उठाएगा।


