शेखपुरा और बरबीघा में डीएम शेखर आनंद ने जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजनों और पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। डीएम सबसे पहले शेखपुरा स्थित स्वरोजगार भवन और फिर बरबीघा पहुंचे। इन संवाद कार्यक्रमों में प्रखंड प्रमुख, कई मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अपनी शिकायतें लेकर उपस्थित थे। डीएम ने सभी की बातें सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को जन-शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए। विकास कार्यों के बारे में भी शिकायतें कीं
बरबीघा प्रखंड में नागरिकों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की ओर डीएम का ध्यान आकर्षित किया। इनमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में अस्पतालों में चिकित्सकों और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, नए विद्यालयों की आवश्यकता, सड़कों का निर्माण और शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था जैसे बुनियादी ढांचागत मुद्दे भी उठाए गए। लोगों ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), परिमार्जन और मोटेशन में आ रही दिक्कतों के साथ-साथ पेंशन योजनाओं, पंचायत सरकार भवन के निर्माण में हो रहे विलंब और सोलर लाइट की स्थापना जैसे विकास कार्यों के बारे में भी शिकायतें कीं। डीएम ने सभी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और शीघ्र ही विधिवत निदान का भरोसा दिलाया। फाइलेरिया की दवा लेने की अपील
संवाद के दौरान, डीएम ने जन-प्रतिनिधियों से विशेष सहयोग की अपील की। उन्होंने प्रशासन को सभी योग्य किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने और जिले में चल रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी जिला वासियों से फाइलेरिया की दवा का अनिवार्य रूप से सेवन करने की अपील भी की। डीएम ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को सभी निर्मित पंचायत सरकार भवनों में विधिवत कार्य प्रारंभ कराने की व्यवस्था पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही, पर्याप्त संख्या में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर सभी कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त संजय कुमार , निदेशक डीआरडीए प्रशांत कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, संबंधित बीडीओ सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। शेखपुरा और बरबीघा में डीएम शेखर आनंद ने जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर आमजनों और पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। डीएम सबसे पहले शेखपुरा स्थित स्वरोजगार भवन और फिर बरबीघा पहुंचे। इन संवाद कार्यक्रमों में प्रखंड प्रमुख, कई मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अपनी शिकायतें लेकर उपस्थित थे। डीएम ने सभी की बातें सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को जन-शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए। विकास कार्यों के बारे में भी शिकायतें कीं
बरबीघा प्रखंड में नागरिकों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की ओर डीएम का ध्यान आकर्षित किया। इनमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में अस्पतालों में चिकित्सकों और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, नए विद्यालयों की आवश्यकता, सड़कों का निर्माण और शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था जैसे बुनियादी ढांचागत मुद्दे भी उठाए गए। लोगों ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), परिमार्जन और मोटेशन में आ रही दिक्कतों के साथ-साथ पेंशन योजनाओं, पंचायत सरकार भवन के निर्माण में हो रहे विलंब और सोलर लाइट की स्थापना जैसे विकास कार्यों के बारे में भी शिकायतें कीं। डीएम ने सभी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और शीघ्र ही विधिवत निदान का भरोसा दिलाया। फाइलेरिया की दवा लेने की अपील
संवाद के दौरान, डीएम ने जन-प्रतिनिधियों से विशेष सहयोग की अपील की। उन्होंने प्रशासन को सभी योग्य किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने और जिले में चल रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी जिला वासियों से फाइलेरिया की दवा का अनिवार्य रूप से सेवन करने की अपील भी की। डीएम ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को सभी निर्मित पंचायत सरकार भवनों में विधिवत कार्य प्रारंभ कराने की व्यवस्था पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही, पर्याप्त संख्या में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर सभी कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त संजय कुमार , निदेशक डीआरडीए प्रशांत कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, संबंधित बीडीओ सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


