पीजीआई में विधानसभा कमेटी को मिली खामियां:रोहतक में निरीक्षण के दौरान बोले MLA, डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा मेडिकल

पीजीआई में विधानसभा कमेटी को मिली खामियां:रोहतक में निरीक्षण के दौरान बोले MLA, डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा मेडिकल

रोहतक के पीजीआईएमएस में औचक निरीक्षण के लिए विधानसभा की स्वास्थ्य सेवाएं व स्वास्थ्य शिक्षा समिति की टीम पहुंची, जिसने पीजीआई प्रशासन के साथ मीटिंग की। साथ ही चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी व अन्य संस्थानों का निरीक्षण करते हुए मरीजों से बातचीत भी की। स्वास्थ्य सेवाएं व स्वास्थ्य शिक्षा समिति की टीम को निरीक्षण के दौरान काफी कमियां नजर आई। इनमें वार्डों के अंदर सफाई व्यवस्था, शौचालयों का बुरा हाल, डॉक्टरों की कमी, दवाईयों की कमी व प्राइवेट अस्पतालों के एजेंट होने की शिकायत भी मिली। निरीक्षण के बाद समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। पीजीआई में डॉक्टरों की कमी को जल्द किया जाएगा दूर
पीजीआई का निरीक्षण करने पहुंची समिति के चेयरमैन विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि प्रदेश में विधानसभा की 13 कमेटी काम कर रही है। विधानसभा की मेडिकल हेल्थ टेक्नीकल एजुकेशन के 7 सदस्य पीजीआई आए है। डीसी सचिन गुप्ता व पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. एसके सिंघल के साथ मीटिंग की है। चेयरमैन रामकुमार कश्यप ने बताया कि पीजीआई में स्पॉट विजिट किया है। सारी सुविधा मिल रही है या नहीं, यह देखा गया है। पीजीआई में डॉक्टरों की कमी है और सरकार इस मामले में प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। पीजीआई में 600 के करीब मेडिसन उपलब्ध है और कई मेडिसन बाहर से लेनी पड़ती है। डॉक्टर पैसे के चक्कर में प्राइवेट अस्पताल में करते हैं काम
चेयरमैन रामकुमार कश्यप ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में अधिक पैसा मिलता है, इसलिए डॉक्टर कुछ समय सरकारी अस्पताल में काम करने के बाद चले जाते है। इसके कारण एक्सपर्ट की कमियां रह जाती है। पीजीआई में कमीशन का मामला संज्ञान में आया है, इसको लेकर डीसी से बात की गई है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। पीजीआई में असुविधाओं का बोलबाला
समिति के सदस्य व महम से विधायक बलराम दांगी ने कहा कि पीजीआई में जिन मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, उनकी बात विधानसभा में उठाएंगे। पीजीआई में शौचालयों व सफाई का बुरा हाल है। दवाइयां नहीं मिल रही, वार्डों में बुरा हाल है। पीजीआई प्रशासन के साथ मीटिंग में पूरी बात उठाई है। पीजीआई प्रशासन ने सुधार करने का आश्वासन दिया है। भाजपा ने यूनिवर्सिटी का छीना अधिकार
कांग्रेस विधायक व समिति के सदस्य इंदूराज नरवाल ने कहा कि पीजीआई में डॉक्टर नहीं है। डायरेक्टर ने बताया कि डॉक्टर भर्ती का लंबा प्रोसीजर है। यूनिवर्सिटी का अधिकार नहीं रहा कि सीधे डॉक्टर लगा ले। क्योंकि डॉक्टरों की भर्ती HPSC के अंडर चली गई है। एचकेआरएन के 1250 युवाओं का अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। विधायक इंदूराज नरवाल ने कहा कि पीजीआई प्रशासन ने युवाओं को एचकेआरएन में चढ़ाने का आश्वासन दिया है। मरीजों से बात की गई है। जब भूपेंद्र हुड्डा सीएम थे तो अच्छी सुविधाएं मिलती थी, लेकिन आज मरीज सुविधाओं से वंचित है। बहुत सारी दवाइयां नहीं है। आईसीयू दिलाने के लिए पैसे भी लिए जाते है, यह बात सामने आई है, जिसकी जांच के लिए डीसी को निर्देश दिए है।

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