लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा- बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए उनकी कल शाम 5 बजे होने वाली स्पीच टालनी पड़ी। आशंका के चलते मैंने ही उनसे न आने का आग्रह किया था। दरअसल, पीएम मोदी 5 फरवरी को लोकसभा में शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। स्पीकर बोले- अगर अप्रिय घटना होती तो लोकतंत्र की परंपरा तार-तार हो जाती लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा- कल लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जो हुआ, वह सदन के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जब सदन के नेता पीएम मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देना था तो विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते थे। बिरला ने कहा- अगर ये घटना हो जाती तो लोकतंत्र की परंपरा को तार-तार हो जाती। इसको टालने के लिए मैंने पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया। पीएम ने मेरे सुझाव को माना। बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा कि आप पोस्टर लेकर आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। जिस तरह से महिला सदस्य पीएम की सीट तक पहुंची, उसे देश ने देखा। ये उचित नहीं था। ये सदन की गरिमा के अनुकूल भी नहीं था। बुधवार को पीएम की स्पीच से पहले क्या हुआ शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। ये सांसद मंगलवार को हंगामे के बाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी। कुछ मंत्रियों ने विपक्षी सांसदों से जाने को कहा, इसके बाद उन्होंने घेराव बंद किया।
स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था:मैंने ही लोकसभा न आने का आग्रह किया था, स्पीच टाली; विपक्षी सांसदों ने कुर्सी घेरी थी


