सुलतानपुर जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। पार्टी ने अपनी मांगों पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता, जिनमें उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी शामिल हैं, बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) पर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म 7 जमा किए जा रहे हैं। पार्टी ने आशंका व्यक्त की है कि बड़ी संख्या में फॉर्म 7 जमा होने से इन समुदायों के मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित किया जा सकता है। कांग्रेस के बीएलए द्वारा फॉर्म 7 में उल्लिखित नामों की सूची मांगने पर बीएलओ द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग की है कि प्रत्येक बूथ पर भरे गए फॉर्म 7 में उल्लिखित नामों की सूची उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, फॉर्म 7 आवेदनकर्ताओं की पहचान सार्वजनिक करने और बीएलओ पर दबाव डालने वाले राजनीतिक सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। पार्टी ने यह भी मांग की है कि मतदाता सूची बनाने में गड़बड़ी के दोषी पाए जाने वाले बीएलओ को पद से हटाने का आदेश जारी किया जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे जिला निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में वरुण मिश्रा, मोहित तिवारी, शरद श्रीवास्तव, हामिद राइनी, रणजीत सलूजा, पवन मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


