अररिया में एग्री स्टैक परियोजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एक कृषि समन्वयक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला कृषि पदाधिकारी, अररिया के आदेश पर की गई है। निलंबित कृषि समन्वयक धर्मपाल सिंह प्रखंड जोकीहाट अंतर्गत पंचायत प्रसादपुर एवं भसिया में तैनात थे। विभागीय निर्देशों के बावजूद, फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जनवरी और फरवरी में विशेष अभियान चलाए गए थे। इन अभियानों के दौरान भी धर्मपाल सिंह द्वारा आवंटित लक्ष्य के मुकाबले प्रगति नगण्य रही। स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जोकीहाट ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंचल अधिकारी के ज्ञापांक 102 से यह भी सामने आया कि धर्मपाल सिंह अपने कार्यालय और कार्यक्षेत्र से लगातार अनुपस्थित पाए गए। फोन पर संपर्क करने के प्रयास भी विफल रहे। आदेश में कहा गया है कि धर्मपाल सिंह ने अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की है। इससे एग्री स्टैक जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना प्रभावित हुई, जो बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रावधानों के विपरीत है। परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में सख्त केंद्र और राज्य बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम 1(क) के तहत उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कुर्साकाटा के अधीन निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियम 10 के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, जिसका भुगतान जिला कृषि कार्यालय, अररिया द्वारा किया जाएगा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जोकीहाट को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत धर्मपाल सिंह से प्रभार किसी अन्य कर्मचारी को सौंपें और एक सप्ताह के अंदर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए प्रपत्र ‘क’ में आरोप-पत्र तैयार कर सक्षम प्राधिकारी के पास भेजें। यह कार्रवाई केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में सख्त रवैया अपनाने का संकेत देती है। अररिया में एग्री स्टैक परियोजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एक कृषि समन्वयक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला कृषि पदाधिकारी, अररिया के आदेश पर की गई है। निलंबित कृषि समन्वयक धर्मपाल सिंह प्रखंड जोकीहाट अंतर्गत पंचायत प्रसादपुर एवं भसिया में तैनात थे। विभागीय निर्देशों के बावजूद, फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जनवरी और फरवरी में विशेष अभियान चलाए गए थे। इन अभियानों के दौरान भी धर्मपाल सिंह द्वारा आवंटित लक्ष्य के मुकाबले प्रगति नगण्य रही। स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जोकीहाट ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंचल अधिकारी के ज्ञापांक 102 से यह भी सामने आया कि धर्मपाल सिंह अपने कार्यालय और कार्यक्षेत्र से लगातार अनुपस्थित पाए गए। फोन पर संपर्क करने के प्रयास भी विफल रहे। आदेश में कहा गया है कि धर्मपाल सिंह ने अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की है। इससे एग्री स्टैक जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना प्रभावित हुई, जो बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रावधानों के विपरीत है। परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में सख्त केंद्र और राज्य बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम 1(क) के तहत उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कुर्साकाटा के अधीन निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियम 10 के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, जिसका भुगतान जिला कृषि कार्यालय, अररिया द्वारा किया जाएगा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जोकीहाट को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत धर्मपाल सिंह से प्रभार किसी अन्य कर्मचारी को सौंपें और एक सप्ताह के अंदर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए प्रपत्र ‘क’ में आरोप-पत्र तैयार कर सक्षम प्राधिकारी के पास भेजें। यह कार्रवाई केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक परियोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में सख्त रवैया अपनाने का संकेत देती है।


