मधेपुरा सदर अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:इलाज में लापरवाही का आरोप, रेफर के बाद अस्पताल गेट पर तोड़ा दम

मधेपुरा सदर अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:इलाज में लापरवाही का आरोप, रेफर के बाद अस्पताल गेट पर तोड़ा दम

मधेपुरा सदर अस्पताल में बुधवार की शाम डिलीवरी के कुछ घंटे बाद एक महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान भर्राही थाना क्षेत्र के गोढ़ैला निवासी दिनेश साह की बेटी अनुपम कुमारी (23) के रूप में हुई है। उसकी शादी मई 2023 में कुमारखंड प्रखंड के रहटा वार्ड निवासी अमित कुमार साह से हुई थी। पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मृतका की मां बबली देवी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे अनुपम कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह 10 बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया, जो पूरी तरह स्वस्थ है। लेकिन प्रसव के बाद अनुपम की हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब इसकी जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों को दे तो उन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अस्पताल गेट से बाहर निकलते ही प्रसूता की मौत शाम करीब 3.30 बजे स्थिति गंभीर होने पर उसे JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। इस दौरान उन्हें एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं करवाया गया। आनन-फानन में ऑटो रिजर्व करके वे लोग प्रसूता को लेकर निकले। लेकिन अस्पताल गेट से बाहर निकलते ही प्रसूता की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज मिलता और लापरवाही नहीं बरती जाती, तो अनुपम कुमारी की जान बचाई जा सकती थी। ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉ. कुमारी शिखा ने मरीज का ठीक से इलाज नहीं किया। बताया गया कि अस्पताल में पहले से ही कई मरीज महिला डॉक्टर के व्यवहार को लेकर शिकायत कर चुके हैं। रात करीब 9.30 बजे सदर एसडीएम संतोष कुमार सदर अस्पताल पहुंचे इधर, किसी ने डीएम को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद रात करीब 9.30 बजे सदर एसडीएम संतोष कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। जब पत्रकारों ने उनसे घटना को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वे अपना पैर दिखाने आए हैं। लगभग आधा घंटा अस्पताल में रुकने के बाद वे मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना लौट गए। वहीं, अस्पताल का पक्ष जानने के लिए जब डीएस डॉ. सचिन कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बयान देने के लिए खुद को अधिकृत नहीं बताते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जिस महिला डॉक्टर पर परिजन आरोप लगा रहे हैं, उनसे पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी प्रसव कक्ष में ड्यूटी स्थल पर मौजूद नहीं थीं। घटना से आक्रोशित परिजनों ने सदर थाना में आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मधेपुरा सदर अस्पताल में बुधवार की शाम डिलीवरी के कुछ घंटे बाद एक महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान भर्राही थाना क्षेत्र के गोढ़ैला निवासी दिनेश साह की बेटी अनुपम कुमारी (23) के रूप में हुई है। उसकी शादी मई 2023 में कुमारखंड प्रखंड के रहटा वार्ड निवासी अमित कुमार साह से हुई थी। पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मृतका की मां बबली देवी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे अनुपम कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह 10 बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया, जो पूरी तरह स्वस्थ है। लेकिन प्रसव के बाद अनुपम की हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब इसकी जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों को दे तो उन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अस्पताल गेट से बाहर निकलते ही प्रसूता की मौत शाम करीब 3.30 बजे स्थिति गंभीर होने पर उसे JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। इस दौरान उन्हें एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं करवाया गया। आनन-फानन में ऑटो रिजर्व करके वे लोग प्रसूता को लेकर निकले। लेकिन अस्पताल गेट से बाहर निकलते ही प्रसूता की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही इलाज मिलता और लापरवाही नहीं बरती जाती, तो अनुपम कुमारी की जान बचाई जा सकती थी। ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉ. कुमारी शिखा ने मरीज का ठीक से इलाज नहीं किया। बताया गया कि अस्पताल में पहले से ही कई मरीज महिला डॉक्टर के व्यवहार को लेकर शिकायत कर चुके हैं। रात करीब 9.30 बजे सदर एसडीएम संतोष कुमार सदर अस्पताल पहुंचे इधर, किसी ने डीएम को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद रात करीब 9.30 बजे सदर एसडीएम संतोष कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। जब पत्रकारों ने उनसे घटना को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वे अपना पैर दिखाने आए हैं। लगभग आधा घंटा अस्पताल में रुकने के बाद वे मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना लौट गए। वहीं, अस्पताल का पक्ष जानने के लिए जब डीएस डॉ. सचिन कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बयान देने के लिए खुद को अधिकृत नहीं बताते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जिस महिला डॉक्टर पर परिजन आरोप लगा रहे हैं, उनसे पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी प्रसव कक्ष में ड्यूटी स्थल पर मौजूद नहीं थीं। घटना से आक्रोशित परिजनों ने सदर थाना में आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।  

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