कानपुर में एडवोकेट राजाराम हत्याकांड मामले में बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को उठाने के बाद मामला गर्मा गया है। बुधवार को सोशल मीडिया पर 3 मिनट 12 सेकेंड की एक ऑडियो क्लिप जारी हुई। जो राजाराम को मारने वाले एक शूटर की बताई जा रही है। हालांकि दैनिक भास्कर एप इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं कर रहा है। ऑडियो क्लिप में शूटर समेत तीन युवकों की आवाज सुनाई दे रही है। जिसमें वह कह रहा है कि पुलिस कमिश्नर ने उसे बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी का नाम लेने को कहा है।
ऑडियो में क्या है, वो हू-ब-हू पढ़िए-
युवक: कमिश्नर साहब वाली क्या बात हुई थी, क्या कह रहे थे भाई ? शूटर: पहले पूछताछ की, नाम लिया था फिर तिवारी जी का। पूरा-पूरा नाम घसीटने में लगे हैं सही से, बहुत अच्छे से। हमसे कह रहे थे नाम लो। तुम्हारा काम करवा देंगे। हमसे कह रहे थे कि तुम अब जेल थोड़ी ही जाओगो, तुम तो जेल से आ ही गए हो। जब मामले में सजा होगी, तब देखा जाएगा। कमिश्नर मुझे अंदर ले गए थे। हमारे हाथ–पैर ढीले पड़ गए थे। युवक: जबरदस्ती कह रहे थे कि इनका नाम ले लो ? शूटर: कह रहे थे, नाम ले लो तुम राकेश तिवारी का। युवक: और किसी का नाम लेने को कह रहे थे ? शूटर: वो रेखा वर्मा, लक्ष्मी वर्मा, राम बहादुर तो हैं ही, लेकिन मेन इन्हें बनाया जा रहा है। हमसे कह रहे काम करा दिया जाएगा। हमे लालच दिया जा रहा है। कल फोन आया था। बुलाया है लाल इमली पर 2 बजे। युवक: आज 2 बजे बुलाया है ? शूटर: हां, मूलगंज एसओ ही हमे ले जाता है। एक बार बुला चुके है हमें, अब दोबारा बुला रहे हैं। ऑफर दे रहे हैं। कह रहे हैं कि तुम्हे कुछ नहीं होगा, हम पूरा सपोर्ट करेंगे। युवक: अच्छा, ऐसे कैसे ? शूटर: कह रहे हम लोग फंसा तो लेंगे। एक और कोई भी था। गोरा-गोरा सा। ट्रिपल स्टार थे। कमिश्नर के बगल में बैठा हुआ था। मुझे नाम नहीं मालूम। युवक: अच्छा, वो ज्यादा इंट्रेस्टेड होंगे ? दूसरा युवक: ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर? शूटर: हमें नाम नहीं मालूम, लेकिन है वो बड़ा अधिकारी। हमसे कह रहे थे, कि तुम्हें एक दिन ले चलेंगे अपने से भी बड़े अधिकारी के पास। तुम्हें चलना पड़ेगा। युवक: कमिश्नर से भी बड़े अधिकारी के पास ? शूटर: हां, अब हमे ऐसा लग रहा है कि इसमें कोई राज है, जो खुला नहीं है। युवक (हंसते हुए): वैसे ये सब जबरदस्ती का ही है, कोई मतलब नहीं है और भी कुछ कह रहे थे ? वो पूरी तरह से इन्ही पर लगे हैं, पूरा फोकस है।
31 जनवरी को राकेश तिवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया था राजाराम हत्याकांड मामले में 31 जनवरी शाम करीब 5 बजे नवाबगंज पुलिस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को पकड़कर थाने ले गई थी। जिसकी जानकारी होने पर 100 से अधिक अधिवक्ताओं ने थाने में हंगामा किया था। हंगामा बढ़ा तो पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल मौके पर पहुंचे थे। वकीलों का हंगामा देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने कोहना, कल्याणपुर, रावतपुर, स्वरूप नगर, कर्नलगंज, ग्वालटोली समेत करीब 10 थानों का फोर्स बुला लिया था। पीएसी भी तैनात की गई थी। तब महामंत्री अमित सिंह ने बताया कि पुलिस अधिवक्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। पुलिस कमिश्नर राकेश तिवारी को हत्या के मुकदमे में फंसाना चाहते हैं। करीब 7 घंटे चली पूछताछ के बाद राकेश तिवारी समेत दोनों व्यापारियों को पुलिस ने रात 12.30 बजे छोड़ दिया था। क्या था पूरा मामला, वो पढ़िए- NRI सिटी की जमीन को लेकर 4 लाख में सुपारी देकर करवाई थी हत्या गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी थाना नवाबगंज थानाक्षेत्र निवासी अधिवक्ता राजाराम वर्मा (75) 22 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने एनआरआई सिटी के मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की थी। हत्याकांड से पहले शूटरों ने अधिवक्ता राजाराम को कॉल की थी। गेट पर बाहर निकलते ही पैर छूकर गोली मार दी थी। कॉल डिटेल से पुलिस ने चौबेपुर बूढ़नपुर निवासी रोहित और चौबेपुर हकीमनगर निवासी दिलनाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच में पता चला कि दोनों को इलाके में रहने वाले अंकित यादव ने 4 लाख में सुपारी दी थी। इसके पीछे एनआरआई सिटी से जुड़ी 17 बीघे की जमीन का विवाद था। पुलिस के मुताबिक, नवाबगंज में रहने वाले व प्रापर्टी डीलिंग का काम करने वाले रामखिलावन को अधिवक्ता राजाराम से एनआरआई सिटी के पास की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसको लेकर राम खिलावन ने अंकित यादव को चार लाख की सुपारी दी थी। इस पर अंकित यादव ने चौबेपुर से शार्प शूटरों को हायर किया था। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि जो आरोपी है उसके बयानों के आधार पर किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। जो ऑडियो वायरल हो रहा है, इससे स्पष्ट होता है, कि ऑडियो जिसने वायरल कराया है, उसको इससे लाभ मिलेगा। वायरल ऑडियो की जांच कराई जाएगी।


