फर्जी वेबसाइट बना ट्रेन-प्लेन टिकट बुकिंग के नाम पर 1 करोड़ की ठगी

फर्जी वेबसाइट बना ट्रेन-प्लेन टिकट बुकिंग के नाम पर 1 करोड़ की ठगी

साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई की टीम ने दानापुर और रूपसपुर थाना इलाके में चल रहे तीन कॉल सेंटर में छापेमारी कर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह को गिरफ्तार किया। बिहार, झारखंड अन्य राज्यों के 22 साइबर अपराधियों को दबोचा गया। इनमें 15 महिलाएं और 7 पुरुष हैं। इन 7 पुरुषों में एक नाबालिग भी है। महिलाओं से कॉल कराकर मोबाइल रिचार्ज कराने, रेल और हवाई टिकट बुकिंग करने, आधार अपडेट करने, डिजिटल सेवा देने आदि का झांसा देकर संपर्क करता था। जो जाल में फंसते उससे सर्विस चार्ज के नाम पर 1000 से 2000 रुपए तक ऑनलाइन या क्यूआर से मंगवाता था। रकम लेने के बाद लोगों को कोई सेवा नहीं देता था। जब ठगी के शिकार लोग कॉल करते तो उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देता था। पिछले 4 साल में इस गिरोह ने 500 लोगों से एक करोड़ की ठगी की है। इनके ठिकाने से पुलिस ने 53 मोबाइल, 19 लैपटॉप, 27 हार्ड डिस्क, 12 एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक डेस्कटॉप बरामद किया। इस गिरोह ने कई लोगों को फर्जी आईडी देकर उनसे ठगी कराई। इसके लिए गिरोह उनसे कमीशन भी लेता था। गिरफ्तार साइबर अपराधी नए मोबाइल और सिम से ही कॉल किया करता था। गिरोह के सभी लोगों का काम बंटा था। महिलाएं ही कॉल किया करती थी। महिलाओं से कॉल करा फांसता था यह गिरोह महिलाओं से लोगों को कॉल करा कर फांसता था। 2022 में फर्जी वेबसाइट बना ली थी। उसके बाद दानापुर और रूपसपुर थाना इलाके में किराया का मकान लेकर कॉल सेंटर चला रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन कम्यूटर ट्रेनिंग-डिजिटल सेवा केंद्र के नाम से काम शुरू किया था। धंधा जब नहीं चला तो ठगी करने लगा। इन लोगों ने गूगल और अन्य तरीके से लोगों का मोबाइल नंबर और नाम लिया। साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई की टीम ने दानापुर और रूपसपुर थाना इलाके में चल रहे तीन कॉल सेंटर में छापेमारी कर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह को गिरफ्तार किया। बिहार, झारखंड अन्य राज्यों के 22 साइबर अपराधियों को दबोचा गया। इनमें 15 महिलाएं और 7 पुरुष हैं। इन 7 पुरुषों में एक नाबालिग भी है। महिलाओं से कॉल कराकर मोबाइल रिचार्ज कराने, रेल और हवाई टिकट बुकिंग करने, आधार अपडेट करने, डिजिटल सेवा देने आदि का झांसा देकर संपर्क करता था। जो जाल में फंसते उससे सर्विस चार्ज के नाम पर 1000 से 2000 रुपए तक ऑनलाइन या क्यूआर से मंगवाता था। रकम लेने के बाद लोगों को कोई सेवा नहीं देता था। जब ठगी के शिकार लोग कॉल करते तो उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देता था। पिछले 4 साल में इस गिरोह ने 500 लोगों से एक करोड़ की ठगी की है। इनके ठिकाने से पुलिस ने 53 मोबाइल, 19 लैपटॉप, 27 हार्ड डिस्क, 12 एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक डेस्कटॉप बरामद किया। इस गिरोह ने कई लोगों को फर्जी आईडी देकर उनसे ठगी कराई। इसके लिए गिरोह उनसे कमीशन भी लेता था। गिरफ्तार साइबर अपराधी नए मोबाइल और सिम से ही कॉल किया करता था। गिरोह के सभी लोगों का काम बंटा था। महिलाएं ही कॉल किया करती थी। महिलाओं से कॉल करा फांसता था यह गिरोह महिलाओं से लोगों को कॉल करा कर फांसता था। 2022 में फर्जी वेबसाइट बना ली थी। उसके बाद दानापुर और रूपसपुर थाना इलाके में किराया का मकान लेकर कॉल सेंटर चला रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन कम्यूटर ट्रेनिंग-डिजिटल सेवा केंद्र के नाम से काम शुरू किया था। धंधा जब नहीं चला तो ठगी करने लगा। इन लोगों ने गूगल और अन्य तरीके से लोगों का मोबाइल नंबर और नाम लिया।  

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