जेडीयू कार्यालय में बुधवार को मिलन समारोह का आयोजन किया गया। रेयाजुल हक राजू अपने समर्थकों के साथ जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर, मंत्री श्रवण कुमार और जेडीयू विधायक अमरेंद्र पांडे मौजूद रहे। सभी नेताओं ने रियाजुल और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया। मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू लगातार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। रेयाजुल हक राजू के आने से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू बिहार के विकास के एजेंडे को और तेज करेगी। अमरेंद्र पांडे बोले- रियाजुल जमीनी स्तर पर काम करते इस मौके पर जेडीयू विधायक अमरेंद्र पांडे ने भी रियाजुल हक राजू के पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया और कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं के आने से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं, मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर लगातार लोग जेडीयू से जुड़ रहे हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद रेयाजुल हक राजू ने कहा कि वे भले ही पहले किसी अन्य दल में रहे हों, लेकिन मन से हमेशा नीतीश कुमार के समर्थक रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो काम किया है, वह किसी से छिपा नहीं है और वे लंबे समय से उनके कार्यों के प्रशंसक रहे हैं। रेयाजुल बोले- राजद अब पूंजीपतियों की पार्टी बन चुकी है रेयाजुल हक राजू ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद अब पूंजीपतियों की पार्टी बन चुकी है, इसी वजह से उन्होंने उस पार्टी को छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जेडीयू ही एक ऐसी पार्टी है जो सामाजिक न्याय के साथ विकास की राजनीति करती है। रियाजुल हक ने मुस्लिम समाज के लोगों से भी अपील की कि वे राजद छोड़कर जेडीयू से जुड़ें और नीतीश कुमार के विकास मॉडल को मजबूत करें। रेयाजुल हक के बारे में जानिए रेयाजुल हक उर्फ़ राजू लंबे समय तक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से जुड़े रहे और 2025 में विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हुए। राजू गोपालगंज जिले की बरौली विधानसभा सीट से सक्रिय रहे हैं और 2025 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उनके चुनाव लड़ने से महागठबंधन के वोट समीकरण पर असर की चर्चा हुई। महागठबंधन सरकार के कार्यकाल में उन्हें बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। इस दौरान वे अल्पसंख्यक मुद्दों पर सरकार और प्रशासन के साथ संवाद का चेहरा रहे। उनके कार्यकाल में कोई बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने नहीं आया, लेकिन राजनीतिक नियुक्ति को लेकर विपक्ष ने सवाल जरूर उठाए। जेडीयू कार्यालय में बुधवार को मिलन समारोह का आयोजन किया गया। रेयाजुल हक राजू अपने समर्थकों के साथ जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर, मंत्री श्रवण कुमार और जेडीयू विधायक अमरेंद्र पांडे मौजूद रहे। सभी नेताओं ने रियाजुल और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया। मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू लगातार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। रेयाजुल हक राजू के आने से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू बिहार के विकास के एजेंडे को और तेज करेगी। अमरेंद्र पांडे बोले- रियाजुल जमीनी स्तर पर काम करते इस मौके पर जेडीयू विधायक अमरेंद्र पांडे ने भी रियाजुल हक राजू के पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया और कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं के आने से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं, मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर लगातार लोग जेडीयू से जुड़ रहे हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद रेयाजुल हक राजू ने कहा कि वे भले ही पहले किसी अन्य दल में रहे हों, लेकिन मन से हमेशा नीतीश कुमार के समर्थक रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो काम किया है, वह किसी से छिपा नहीं है और वे लंबे समय से उनके कार्यों के प्रशंसक रहे हैं। रेयाजुल बोले- राजद अब पूंजीपतियों की पार्टी बन चुकी है रेयाजुल हक राजू ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद अब पूंजीपतियों की पार्टी बन चुकी है, इसी वजह से उन्होंने उस पार्टी को छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि जेडीयू ही एक ऐसी पार्टी है जो सामाजिक न्याय के साथ विकास की राजनीति करती है। रियाजुल हक ने मुस्लिम समाज के लोगों से भी अपील की कि वे राजद छोड़कर जेडीयू से जुड़ें और नीतीश कुमार के विकास मॉडल को मजबूत करें। रेयाजुल हक के बारे में जानिए रेयाजुल हक उर्फ़ राजू लंबे समय तक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से जुड़े रहे और 2025 में विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हुए। राजू गोपालगंज जिले की बरौली विधानसभा सीट से सक्रिय रहे हैं और 2025 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उनके चुनाव लड़ने से महागठबंधन के वोट समीकरण पर असर की चर्चा हुई। महागठबंधन सरकार के कार्यकाल में उन्हें बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। इस दौरान वे अल्पसंख्यक मुद्दों पर सरकार और प्रशासन के साथ संवाद का चेहरा रहे। उनके कार्यकाल में कोई बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने नहीं आया, लेकिन राजनीतिक नियुक्ति को लेकर विपक्ष ने सवाल जरूर उठाए।


