Tesla Model Y Exchange offer India: भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार में पकड़ मजबूत करने के लिए टेस्ला ने एक नया कदम उठाया है। बिक्री की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक न रहने के बीच कंपनी ने स्विच एंड सेव (Switch and Save) नाम से नया एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत ग्राहक अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार के बदले टेस्ला की इलेक्ट्रिक SUV मॉडल Y खरीदने पर 3 लाख रुपये तक का एक्सचेंज बोनस पा सकते हैं।
एक्सचेंज के साथ अतिरिक्त नगद छूट
टेस्ला के इस प्रोग्राम में सिर्फ एक्सचेंज बोनस ही नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त फायदा भी शामिल है। कंपनी की ओर से 2025 के अनसोल्ड स्टॉक (MY2025) पर जनवरी 2026 में 2 लाख रुपये की नगद छूट भी दी जा रही है।
कंपनी के मुताबिक, भारत फिलहाल ऐसा इकलौता बाजार है, जहां टेस्ला इस स्तर का एक्सचेंज बोनस ऑफर कर रही है।
EMI के जरिए खरीदने का विकल्प
मॉडल Y को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए टेस्ला ने फाइनेंस विकल्प भी पेश किया है। कंपनी के अनुसार, 6 लाख रुपये के डाउन पेमेंट पर 7 साल के लोन का विकल्प दिया जा रहा है। इस पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर के साथ करीब 49,001 रुपये की मासिक EMI बनती है।
भारत में कैसी रही टेस्ला की बिक्री
भारत में टेस्ला की बिक्री अब तक सीमित रही है। जनवरी 2026 तक कंपनी मॉडल Y की सिर्फ 263 यूनिट्स ही बेच पाई है। शुरुआती दौर में करीब 600 बुकिंग्स मिली थीं, लेकिन इनमें से कई को बाद में रद्द कर दिया गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऊंची कीमतें टेस्ला की धीमी बिक्री की बड़ी वजह रही हैं, क्योंकि इसी प्राइस रेंज में भारतीय बाजार में कई अन्य इलेक्ट्रिक गाड़ियां मौजूद हैं।
भारत में टेस्ला मॉडल Y की कीमत
भारतीय बाजार में टेस्ला मॉडल Y दो वेरिएंट्स में उपलब्ध है।
- रियर व्हील ड्राइव (RWD): 59.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम)
- लॉन्ग रेंज RWD: 67.89 लाख रुपये (एक्स-शोरूम)
हालांकि टेस्ला की तकनीक और डिजाइन को लेकर ग्राहकों में रुचि है, लेकिन ऊंची कीमत अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कंपनी को उम्मीद है कि नया एक्सचेंज बोनस और नगद छूट ग्राहकों को इलेक्ट्रिक कार की ओर आकर्षित करने में मदद करेगा।
भारत में सुस्त बिक्री के बीच टेस्ला का यह नया एक्सचेंज प्रोग्राम कंपनी की रणनीति में बदलाव का संकेत देता है। पुरानी पेट्रोल-डीजल कारों के बदले दी जा रही छूट और फाइनेंस विकल्प के जरिए टेस्ला अपनी इलेक्ट्रिक कारों को ज्यादा सुलभ बनाने की कोशिश कर रही है। अब यह देखना होगा कि यह कदम भारतीय बाजार में कंपनी की बिक्री को कितनी रफ्तार देता है।


