मऊगंज जिले में भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के विधानसभा क्षेत्र से एक युवक के लापता होने के मामले ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। इस घटना पर मऊगंज के पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक प्रदीप पटेल वास्तव में डरे हुए हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पूर्व विधायक ने अपने बयान में कहा कि जनता जनकल्याण के लिए अपने प्रतिनिधि का चुनाव करती है। यदि विधायक स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और उनका तीन साल का कार्यकाल अभी शेष है, तो उन्हें त्यागपत्र देकर जनता से दोबारा जनादेश प्राप्त करना चाहिए। इससे जनता की वास्तविक मंशा स्पष्ट हो सकेगी। जमीन विवादों में विधायक का हस्तक्षेप उचित नहीं जिला बनने के बाद बढ़ते जमीनी विवादों पर लक्ष्मण तिवारी ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करना विधायक का कार्यक्षेत्र नहीं है, बल्कि यह न्यायपालिका और राजस्व विभाग का विषय है। विधायक को मौके पर जाकर निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है। यदि वे मानवीय आधार पर भी जाते हैं, तो उन्हें दोनों पक्षों की बात सुननी चाहिए। लापता युवक के मामले पर पुर्व विधायक ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि युवक वास्तव में लापता हुआ है, उसे लापता कराया गया है या यह किसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने सरकार के विधायक द्वारा स्वयं गुहार लगाने को ‘बेहद शर्मनाक’ बताया। मऊगंज में अपराध, नशा और असुरक्षा बढ़ने चिंता पुर्व विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने मऊगंज को जिला बनाने के लिए वर्षों संघर्ष किया था, इस उम्मीद में कि इससे लोगों की समस्याएं कम होंगी। हालांकि, उनका मानना है कि आज जिले में नकारात्मक गतिविधियां बढ़ गई हैं। उन्होंने ‘मूसा गैंग’ से संबंधित आरोपों को ‘बनावटी’ करार दिया और कहा कि असली चिंता अपराध, नशे और सामाजिक असुरक्षा की बढ़ती घटनाएं हैं, जिन्होंने मऊगंज को अपराध के मामलों में शीर्ष पर पहुंचा दिया है।


