बीकानेर | बीकानेर के बीछवाल और करणी औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली लिंक रोड पर स्थित रेलवे फाटक अब औद्योगिक विकास के लिए गंभीर अड़चन बनता जा रहा है। क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों ने इस समस्या को लेकर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) गौरव गोविल से मुलाकात कर ओवरब्रिज निर्माण की मांग उठाई है। रीको लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेंद्र प्रसाद शर्मा, बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया, ज़ेडआरयूसीसी सदस्य नरेश मित्तल तथा संयोजक राजीव शर्मा ने डीआरएम को बताया कि बीछवाल और करणी औद्योगिक क्षेत्र में सैकड़ों छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इनमें से कई इकाइयां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों के लिए पहचान रखती हैं। इन इकाइयों से प्रतिदिन भारी मात्रा में तैयार माल देश-विदेश भेजा जाता है तथा कच्चा माल इसी मार्ग से आता है। उद्योग संघ के अनुसार उक्त रेलवे फाटक दिन में लगभग 40 से 45 बार बंद होता है। हर बार फाटक बंद होने पर 15 से 20 मिनट का इंतजार करना पड़ता है, जबकि मालगाड़ी शंटिंग के दौरान यह समय आधा घंटा तक भी पहुंच जाता है। इससे ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं और माल परिवहन में अनावश्यक देरी होती है, जिसका सीधा असर उद्योगों की लागत और समयबद्ध आपूर्ति पर पड़ रहा है। करणी औद्योगिक क्षेत्र में इंजीनियरिंग कॉलेज भी स्थित है, जिससे विद्यार्थियों को भी रोजाना जाम की समस्या झेलनी पड़ती है। साथ ही करणी थर्ड फेज के विस्तार के चलते भविष्य में यातायात दबाव और बढ़ने की संभावना है। डीआरएम गौरव गोविल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि बीछवाल-करणी लिंक रोड फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की संभावना को लेकर शीघ्र ही फिजिबिलिटी जांच करवाई जाएगी, ताकि उद्योगों और आमजन को राहत मिल सके।


